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भारत-पाकिस्तान मैच में हाथ मिलाने पर बनी रहेगी खामोशी, पाकिस्तानी कप्तान ने कहा मैच के दिन होगा फैसला

भारत-पाकिस्तान मैच में हाथ मिलाने पर बनी रहेगी खामोशी, पाकिस्तानी कप्तान ने कहा मैच के दिन होगा फैसला
India Pakistan Handshake Controversy: भारत-पाकिस्तान मैच में हाथ मिलाने को लेकर बना तनाव, कप्तान सलमान अली आगा ने दिया ये बयान (File Photo)

India Pakistan Handshake Controversy: टी20 विश्व कप में रविवार को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच से पहले हाथ मिलाने को लेकर बना तनाव। पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने फैसला मैच के दिन लेने की बात कही। पिछले साल एशिया कप से दोनों टीमों ने हाथ मिलाना बंद कर दिया था। आईसीसी एशियाई देशों के बीच बातचीत बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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टी20 विश्व कप में रविवार को होने वाले भारत और पाकिस्तान के बीच मैच से पहले एक नई बहस शुरू हो गई है। यह बहस है दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा को लेकर। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने इस मुद्दे पर साफ जवाब देने से बचते हुए कहा है कि यह फैसला मैच वाले दिन ही लिया जाएगा। उनका मानना है कि क्रिकेट को सही भावना के साथ खेला जाना चाहिए।

पिछले कुछ समय से दोनों देशों के खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे से हाथ नहीं मिला रहे हैं। यह सिलसिला पिछले साल दुबई में हुए एशिया कप से शुरू हुआ था। उस समय पहलगाम हमले और उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। तब से दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से दूरी बनाए हुए हैं।

पाकिस्तानी कप्तान का बयान

शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब सलमान अली आगा से हाथ मिलाने की परंपरा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कल देखा जाएगा। उन्होंने इस मामले में कोई साफ राय नहीं दी। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि किसी भी हालत में खेल भावना को बनाए रखना जरूरी है।

आगा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि क्रिकेट को सही भावना के साथ खेला जाना चाहिए। उनका मानना है कि उनकी व्यक्तिगत राय शायद मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा कि क्रिकेट को उसी तरीके से खेला जाना चाहिए जिस तरह से इसे हमेशा खेला जाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या करना है यह फैसला उन पर निर्भर करता है।

भारतीय टीम का रुख

खबरों के मुताबिक भारतीय टीम का माहौल भी इस मामले में काफी संयमित रहा है। टीम के अंदर यह तय किया गया है कि अंतिम फैसला उच्च अधिकारियों पर छोड़ा जाएगा। भारतीय खिलाड़ी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेंगे। यह फैसला मैच से पहले या टॉस के समय लिया जा सकता है।

भारतीय टीम के भीतर सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाओं को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। पहलगाम हमले के बाद देश में भावनाएं अब भी संवेदनशील बनी हुई हैं। ऐसे में किसी भी कदम पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए दोनों टीमों को सावधानी से काम लेना होगा।

क्रिकेट और राजनीति का मिश्रण

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच सिर्फ खेल नहीं होते। इन मैचों में दोनों देशों के बीच के रिश्तों की झलक दिखती है। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ रहा है। हाथ न मिलाना इसी तनाव की एक बानगी है।

हालांकि क्रिकेट के कई पुराने खिलाड़ियों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए। उनका कहना है कि मैदान पर तो दोनों टीमों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। खेल भावना को बनाए रखना जरूरी है। लेकिन मौजूदा हालात में यह मुश्किल दिख रहा है।

आईसीसी की कोशिश

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी भी दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रही है। आईसीसी चाहता है कि एशिया के पांच टेस्ट खेलने वाले देशों के अधिकारी रविवार को साथ बैठकर मैच देखें। आईसीसी के प्रमुख जय शाह के कोलंबो में मौजूद रहने की संभावना है।

जय शाह भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों के साथ एक अनौपचारिक बैठक कर सकते हैं। इस बैठक का मकसद सभी देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देना है। आईसीसी यह चाहता है कि क्रिकेट के जरिए दोनों देशों के बीच दूरियां कम हों।

बांग्लादेश का रुख

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने भी इस बैठक की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान मैच देखने के लिए कोलंबो में रहेंगे। पिछले कुछ हफ्तों में बीसीसीआई के साथ हुए तनावपूर्ण संवाद के बाद वह रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश करेंगे।

बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो से बातचीत में इस्लाम ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मैच के लिए निमंत्रण आईसीसी की ओर से आया है। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने एक फैसला लिया है। आईसीसी के प्रमुख हितधारक ये पांच एशियाई देश हैं। आईसीसी चाहता है कि 15 तारीख को होने वाले भारत-पाकिस्तान विश्व कप मैच के लिए इन पांचों देशों के प्रतिनिधि मैदान पर एक साथ मौजूद रहें और आपस में बातचीत करें।

मैच की तैयारियां

इस बीच दोनों टीमें रविवार को होने वाले मैच की तैयारियों में जुटी हुई हैं। प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले को लेकर दोनों देशों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय टीम अपनी जीत का सिलसिला बनाए रखना चाहेगी। वहीं पाकिस्तान अपनी टीम की धार को वापस लाने की कोशिश करेगा।

दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहेंगे। हालांकि हाथ मिलाने का मुद्दा इस मैच पर छाया रहेगा। दर्शकों की नजरें इस बात पर भी टिकी रहेंगी कि टॉस के समय या मैच के बाد दोनों टीमों के खिलाड़ी क्या करते हैं।

खेल भावना का सवाल

क्रिकेट को सज्जनों का खेल कहा जाता है। इस खेल में खेल भावना का बहुत महत्व है। लेकिन जब दो देशों के बीच राजनीतिक तनाव हो तो खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल हो जाता है। वे भी अपने देश के नागरिक हैं और देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहते हैं।

इसलिए हाथ मिलाने का मुद्दा सिर्फ एक परंपरा का मामला नहीं है। यह दोनों देशों के बीच रिश्तों की स्थिति को दिखाता है। यह सवाल उठता है कि क्या खेल को राजनीति से पूरी तरह अलग रखा जा सकता है। या फिर दोनों हमेशा एक-दूसरे को प्रभावित करते रहेंगे।

रविवार को होने वाला मैच सिर्फ क्रिकेट का मुकाबला नहीं होगा। यह दोनों देशों के बीच के रिश्तों का आईना भी होगा। हाथ मिलाने की परंपरा को लेकर जो भी फैसला लिया जाएगा वह दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल सभी की नजरें रविवार के मैच पर टिकी हुई हैं।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।