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थमने का नाम नहीं ले रही ‘ओ रोमियो’, बॉक्स ऑफिस पर मचा रही धमाल, केवल 5 दिनों में हुई बंपर कमाई

थमने का नाम नहीं ले रही ‘ओ रोमियो’, बॉक्स ऑफिस पर मचा रही धमाल, केवल 5 दिनों में हुई बंपर कमाई
थमने का नाम नहीं ले रही ‘ओ रोमियो’, बॉक्स ऑफिस पर मचा रही धमाल (Pic Credit- X @nisshh1208)

विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने पांच दिनों में 45.51 करोड़ की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत की है। शाहिद कपूर की इस फिल्म ने ‘रंगून’ को पीछे छोड़ दिया है। मिलेजुले रिव्यू के बावजूद दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

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Dipali Kumari
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O Romeo Box Office Collection: निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिनेमाघरों में रिलीज होते ही चर्चा में आ गई थी। रिलीज के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। पांचवें दिन तक फिल्म ने भारत में 45.51 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। 18 फरवरी की सुबह तक शुरुआती आंकड़ों में 7 लाख रुपये की कमाई दर्ज की गई, जबकि पांचवें दिन का कुल कलेक्शन 5.90 करोड़ रहा।

पहले दिन 9.01 करोड़, दूसरे दिन 14.50 करोड़ और तीसरे दिन 11 करोड़ की कमाई ने साफ कर दिया था कि दर्शक इस फिल्म को लेकर गंभीर हैं। हालांकि चौथे दिन कमाई में थोड़ी गिरावट आई और 5.10 करोड़ का आंकड़ा दर्ज हुआ, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म ने संतुलित प्रदर्शन किया है।

आज के समय में जब हर हफ्ते नई फिल्में रिलीज हो रही हैं, तब पांच दिनों में 45 करोड़ से अधिक की कमाई करना आसान नहीं है। यह दर्शाता है कि कहानी और कलाकारों पर लोगों का भरोसा अभी भी कायम है।

रंगून से आगे निकली नई फिल्म

‘ओ रोमियो’ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने कमाई के मामले में रंगून को पीछे छोड़ दिया है। साल 2017 में रिलीज हुई ‘रंगून’ का बजट लगभग 61 करोड़ रुपये था, लेकिन वह भारत में 28.82 करोड़ रुपये का ही ग्रॉस कलेक्शन कर सकी थी। उस फिल्म में शाहिद कपूर नहीं, बल्कि अभिनेता शाहिद कपूर के साथ कंगना रनौत नजर आई थीं।

‘ओ रोमियो’ ने कम समय में ही उस आंकड़े को पार कर लिया है। यह न सिर्फ बॉक्स ऑफिस की जीत है, बल्कि निर्देशक और अभिनेता की जोड़ी के लिए आत्मविश्वास भी है।

चौथी बार साथ आई जोड़ी

‘ओ रोमियो’ शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। हर फिल्म में इस जोड़ी ने अलग प्रयोग किया है।

मेरे निजी अनुभव में, जब कोई निर्देशक और अभिनेता बार-बार साथ काम करते हैं, तो उनके बीच एक गहरा भरोसा बन जाता है। यही भरोसा पर्दे पर दिखाई देता है। ‘ओ रोमियो’ में भी कई दृश्यों में यह समझ साफ झलकती है।

मिलेजुले रिव्यू के बावजूद दर्शकों का साथ

फिल्म को समीक्षकों से मिलेजुले रिव्यू मिले हैं। किसी ने इसकी कहानी की तारीफ की, तो किसी ने इसकी गति पर सवाल उठाए। लेकिन आम दर्शकों की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत सकारात्मक रही है।

आईएमडीबी पर फिल्म को 6.4 की रेटिंग मिली है, जो बताती है कि दर्शकों का एक बड़ा वर्ग इसे पसंद कर रहा है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की राय ही फिल्म की असली दिशा तय करती है।

कलाकारों की मजबूत टोली

‘ओ रोमियो’ में तृप्ति डिमरी और शाहिद कपूर के अलावा फरीदा जलाल, नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार नजर आए हैं।

नाना पाटेकर और विशाल भारद्वाज की यह पहली फिल्म है। हाल ही में निर्देशक ने बताया कि दशकों से जान-पहचान होने के बावजूद दोनों ने पहले साथ काम नहीं किया। यह दिलचस्प है कि इतने अनुभवी कलाकार पहली बार किसी प्रोजेक्ट में साथ आए और परिणाम संतोषजनक रहा।

आगे का रास्ता कैसा रहेगा

पहले पांच दिनों का प्रदर्शन उम्मीद जगाता है, लेकिन असली परीक्षा आने वाले सप्ताह में होगी। यदि फिल्म की कमाई स्थिर रहती है, तो यह 70 से 80 करोड़ के आंकड़े तक भी पहुंच सकती है।

बॉक्स ऑफिस की इस दौड़ में ‘ओ रोमियो’ ने फिलहाल बढ़त बना ली है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह रफ्तार कितनी बरकरार रहती है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।