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अमित शाह का स्पष्ट संदेश: ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ – घुसपैठियों के खिलाफ BJP का सख्त रुख

Amit Shah
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Amit Shah : का ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ संदेश: घुसपैठियों पर BJP का सख्त रुख

नई दिल्ली: दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक नरेन्द्र मोहन जी की जयंती पर आयोजित जागरण साहित्य सृजन सम्मान समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में घुसपैठियों के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘हिंदी हैं हम’ अभियान का समर्थन करते हुए विपक्ष पर घुसपैठियों को आश्रय देने और जनसंख्या में असंतुलन पैदा करने का आरोप लगाया।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सही ढंग से शरणार्थियों को नागरिकता दी है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अवैध घुसपैठियों को वोट बैंक बनाने के उद्देश्य से संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा घुसपैठियों को “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अपने भाषण में भारत में विभिन्न वर्षों की जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ सीमावर्ती राज्यों में मुस्लिम आबादी में असामान्य वृद्धि घुसपैठ का स्पष्ट प्रमाण है। शाह ने यह भी बताया कि झारखंड और अन्य राज्यों में जनजातीय आबादी पर भी घुसपैठियों के प्रभाव के कारण गिरावट आई है।

अमित शाह ने यह रेखांकित किया कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि इस मिशन से विवाद उठ सकते हैं, लेकिन देश और लोकतंत्र की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होगी। उन्होंने लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिशन अवैध प्रवासन, जनसंख्या में बदलाव और सीमा प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगा।

गृह मंत्री के इस स्पष्ट संदेश ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा का यह रुख आगामी चुनावों में घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्रमुख राजनीतिक विमर्श में रख सकता है।


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Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

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