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अक्षय तृतीया पर खरीदारी के 4 शुभ मुहूर्त, जानिए कब है सबसे सही समय

अक्षय तृतीया पर खरीदारी के 4 शुभ मुहूर्त, जानिए कब है सबसे सही समय
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अक्षय तृतीया पर खरीदारी के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो साल में बेहद खास माने जाते हैं। सही समय पर की गई छोटी सी खरीदारी भी बड़ा फल दे सकती है। लेकिन कौन सा समय आपके लिए सबसे ज्यादा शुभ रहेगा, यह जानना बेहद जरूरी है, वरना मौका हाथ से निकल सकता है।

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Dipali Kumari
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Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन इतना शुभ माना जाता है कि किसी भी काम को करने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य अक्षय फल देता है, यानी उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होता। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी, जिसे लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।

सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ

इस खास दिन पर लोग सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ मानते हैं, क्योंकि इसे धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हालांकि महंगाई के इस दौर में हर किसी के लिए सोना खरीदना संभव नहीं होता, लेकिन ज्योतिष और परंपराओं के अनुसार कुछ ऐसी सस्ती चीजें भी हैं, जिन्हें खरीदने से उतना ही शुभ फल मिलता है।

सुबह 10:49 से शुरू होगा शुभ मुहूर्त

अगर आप अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस दिन का मुख्य मुहूर्त सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 20 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस दौरान खरीदारी करना सबसे ज्यादा फलदायी माना गया है।

इसके अलावा दिन में तीन विशेष चौघड़िया मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनमें खरीदारी करना शुभ रहेगा।

  • पहला प्रातः मुहूर्त सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, जिसे चर, लाभ और अमृत का संयोग माना गया है।
  • दूसरा मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक है, जिसे ‘शुभ’ काल कहा जाता है।
  • वहीं, शाम का सायाह्न मुहूर्त शाम 6 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जो खरीदारी के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।
  • इसके अलावा 20 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 51 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक भी खरीदारी का शुभ समय रहेगा।

सोना-चांदी के अलावा करें इन चीजों की खरीदारी

अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो चिंता की बात नहीं है। इस दिन धनिया के बीज, तांबे के बर्तन, चावल, घी, लाल कपड़ा, मिट्टी के बर्तन, दीये या छोटे गमले खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है। खासकर मिट्टी की वस्तुओं का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है, जो ऊर्जा और भूमि का कारक है। ऐसे में इन्हें खरीदने से आर्थिक स्थिति में सुधार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अक्षय तृतीया क्यों है खास

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन ही त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी और इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी का जन्म भी हुआ था। साथ ही, इस दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं और वृंदावन में बांके बिहारी जी के चरणों के दर्शन भी शुरू होते हैं।

यही वजह है कि अक्षय तृतीया सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन सही मुहूर्त में की गई छोटी-सी खरीदारी भी आपके जीवन में बड़े बदलाव ला सकती है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।