
Owaisi Bihar Politics 2025: सीमांचल में महागठबंधन की सियासी जंग बिहार के सीमांचल क्षेत्र में पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जैसे जिलों में 24 विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस बार मुकाबले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर ने नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। सीमांचल का बदलता सियासी परिदृश्य महागठबंधन के पारंपरिक मुस्लिम वोटबैंक में दरार के संकेत मिल रहे हैं। एक ओर जहां एनडीए 2020 जैसी सफलता दोहराने की कोशिश में है,

Owaisi Bihar Politics 2025: सीमांचल में महागठबंधन की सियासी जंग बिहार के सीमांचल क्षेत्र में पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जैसे जिलों में 24 विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस बार मुकाबले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर ने नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। सीमांचल का बदलता सियासी परिदृश्य महागठबंधन के पारंपरिक मुस्लिम वोटबैंक में दरार के संकेत मिल रहे हैं। एक ओर जहां एनडीए 2020 जैसी सफलता दोहराने की कोशिश में है,

Bihar Politics: बिहार की सीमांचल राजनीति में चुनावी तापमान चरम पर बिहार की राजनीति में सीमांचल हमेशा से सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक समीकरणों के कारण विशेष महत्व रखता है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याएं अक्सर मुख्यधारा की राजनीति में उपेक्षित नजर आती रही हैं। इसी संदर्भ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बेलवा और बहादुरगंज में जनसभाओं को संबोधित करते हुए सीमांचल की जनता से भावनात्मक अपील की।उन्होंने दावा किया कि उनकी राजनीति किसी सरकार को बदलने की लड़ाई नहीं, बल्कि सीमांचल के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने की लड़ाई है।

Bihar Politics: बिहार की सीमांचल राजनीति में चुनावी तापमान चरम पर बिहार की राजनीति में सीमांचल हमेशा से सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक समीकरणों के कारण विशेष महत्व रखता है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याएं अक्सर मुख्यधारा की राजनीति में उपेक्षित नजर आती रही हैं। इसी संदर्भ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बेलवा और बहादुरगंज में जनसभाओं को संबोधित करते हुए सीमांचल की जनता से भावनात्मक अपील की।उन्होंने दावा किया कि उनकी राजनीति किसी सरकार को बदलने की लड़ाई नहीं, बल्कि सीमांचल के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदलने की लड़ाई है।

सीमांचल में ओवैसी की गरज – तेजस्वी और मोदी पर सीधा निशाना किशनगंज जिले के बहादुरगंज और ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्रों में एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को जोरदार चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने न केवल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला।ओवैसी ने अपने भाषण में सीमांचल के विकास, मुसलमानों के अधिकार और वक्फ कानून को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। ‘वक्फ कानून को कूड़ेदान में डालना मुसलमानों से धोखा’ बहादुरगंज के बंगाली चौक और ठाकुरगंज के तुलसिया हाई स्कूल मैदान में जनसभा को संबोधित करते

सीमांचल में ओवैसी की गरज – तेजस्वी और मोदी पर सीधा निशाना किशनगंज जिले के बहादुरगंज और ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्रों में एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को जोरदार चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने न केवल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला।ओवैसी ने अपने भाषण में सीमांचल के विकास, मुसलमानों के अधिकार और वक्फ कानून को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। ‘वक्फ कानून को कूड़ेदान में डालना मुसलमानों से धोखा’ बहादुरगंज के बंगाली चौक और ठाकुरगंज के तुलसिया हाई स्कूल मैदान में जनसभा को संबोधित करते

नामांकन से पहले बिरयानी को लेकर हुआ घमासान किशनगंज जिले के बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र में एआईएमआईएम के प्रत्याशी तौसीफ आलम द्वारा नामांकन से पहले आयोजित दुआ समारोह के दौरान बिरयानी पर कब्जे को लेकर समर्थकों में जमकर मराहट-मरोड़ (संघर्ष) हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह लोग धक्का-मुक्की करते हुए बर्तनों और प्लेटों की ओर भागते नजर आ रहे हैं। आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार चुनावी अवकाश के दौरान ऐसे खाद्य वितरण को प्रलोभन माना जाता है। जनता से जुड़ी ऐसी घटनाएँ न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की गरिमा को ठेस

नामांकन से पहले बिरयानी को लेकर हुआ घमासान किशनगंज जिले के बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र में एआईएमआईएम के प्रत्याशी तौसीफ आलम द्वारा नामांकन से पहले आयोजित दुआ समारोह के दौरान बिरयानी पर कब्जे को लेकर समर्थकों में जमकर मराहट-मरोड़ (संघर्ष) हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह लोग धक्का-मुक्की करते हुए बर्तनों और प्लेटों की ओर भागते नजर आ रहे हैं। आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार चुनावी अवकाश के दौरान ऐसे खाद्य वितरण को प्रलोभन माना जाता है। जनता से जुड़ी ऐसी घटनाएँ न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की गरिमा को ठेस

बिहार चुनाव 2025 में किशनगंज का राजनीतिक परिदृश्य किशनगंज जिला, जो बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है, आगामी बिहार चुनाव 2025 के मद्देनजर राजनीतिक हलचलों का गवाह बन रहा है। इस बार जिले की राजनीतिक खबरें न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय मीडिया में भी प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं। एआइएमआइएम प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई, अकबरुद्दीन ओवैसी, जिन्हें आम बोलचाल में छोटे ओवैसी कहा जाता है, हाल ही में किशनगंज न्यायालय में पेश हुए। छोटे ओवैसी की अदालत में पेशी और विवादित टिप्पणी छोटे ओवैसी पर यह मामला 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान

बिहार चुनाव 2025 में किशनगंज का राजनीतिक परिदृश्य किशनगंज जिला, जो बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है, आगामी बिहार चुनाव 2025 के मद्देनजर राजनीतिक हलचलों का गवाह बन रहा है। इस बार जिले की राजनीतिक खबरें न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय मीडिया में भी प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं। एआइएमआइएम प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई, अकबरुद्दीन ओवैसी, जिन्हें आम बोलचाल में छोटे ओवैसी कहा जाता है, हाल ही में किशनगंज न्यायालय में पेश हुए। छोटे ओवैसी की अदालत में पेशी और विवादित टिप्पणी छोटे ओवैसी पर यह मामला 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान

वैसे तो राष्ट्रीय राजनीति में गठबन्धन और मोर्चों की चर्चा अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन इस बार बिहार में एक अपेक्षित बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को होने वाले संभावित तीसरे मोर्चे की औपचारिक घोषणाओं से पहले ही AIMIM पार्टी ने राज्य की 32 विधानसभा सीटों पर अपना दावेदारी पेश कर दी है। बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने शनिवार को किशनगंज स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह अहम जानकारी दी। तीसरे मोर्चे की ओर बढ़ता कदम अख्तरुल ईमान ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पहले महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव रखा

वैसे तो राष्ट्रीय राजनीति में गठबन्धन और मोर्चों की चर्चा अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन इस बार बिहार में एक अपेक्षित बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को होने वाले संभावित तीसरे मोर्चे की औपचारिक घोषणाओं से पहले ही AIMIM पार्टी ने राज्य की 32 विधानसभा सीटों पर अपना दावेदारी पेश कर दी है। बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने शनिवार को किशनगंज स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह अहम जानकारी दी। तीसरे मोर्चे की ओर बढ़ता कदम अख्तरुल ईमान ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पहले महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव रखा

किशनगंज, डिजिटल डेस्क।सौदागर पट्टी बाजार में गुरुवार को एक चमत्कारी घटना हुई, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरानी में डाल दिया। पुष्पांजलि कपड़े की दुकान के बाहर खड़े तीन वर्षीय मासूम ने अपनी माँ की जान बचाकर सबको स्तब्ध कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। Tragic: A 3-year-old toddler in Kishanganj saved his mother by pulling her away just as an 11,000-volt electric wire fell. The heroic act caught on CCTV amazes everyone. #Kishanganj pic.twitter.com/D8gTg4fuc1 — Rashtra Bharat (@RBharatdigital) October 3, 2025 घटना का विवरण जानकारी के अनुसार बच्चा अपनी माँ के साथ दुकान के

किशनगंज, डिजिटल डेस्क।सौदागर पट्टी बाजार में गुरुवार को एक चमत्कारी घटना हुई, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरानी में डाल दिया। पुष्पांजलि कपड़े की दुकान के बाहर खड़े तीन वर्षीय मासूम ने अपनी माँ की जान बचाकर सबको स्तब्ध कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। Tragic: A 3-year-old toddler in Kishanganj saved his mother by pulling her away just as an 11,000-volt electric wire fell. The heroic act caught on CCTV amazes everyone. #Kishanganj pic.twitter.com/D8gTg4fuc1 — Rashtra Bharat (@RBharatdigital) October 3, 2025 घटना का विवरण जानकारी के अनुसार बच्चा अपनी माँ के साथ दुकान के