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Bastar Culture Revival: छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर की संस्कृति को दे रही नया जीवन

बस्तर की संस्कृति को नया जीवन दे रही छत्तीसगढ़ सरकार, पांच साल में बनेगा विकसित बस्तर

बस्तर छत्तीसगढ़ का एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां की आदिवासी संस्कृति सदियों पुरानी है और इसे संजोकर रखने का काम यहां के लोगों ने किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। छत्तीसगढ़ सरकार इस संस्कृति को नए प्राण देने का काम कर रही है। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बस्तर पंडुम की महत्ता

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Naxalism End in Bastar

बस्तर में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार, भाजपा की नीतियों से शांति की राह और मजबूत हुई

बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक चरण का आरंभ रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने नक्सलवाद को देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि बस्तर में नक्सली आतंक के लिए अब आखिरी समय निकट आ चुका है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपए के इनामी दुर्दांत नक्सली हिड़मा, उसकी पत्नी समेत 6 कुख्यात नक्सलियों का मारे जाना, इस पथराए आतंक के अंत की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कड़ी है। पाण्डेय ने दावा किया कि 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का देश से पूर्णत: सफाया हो जाएगा और इस

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Pandum Cafe Bastar News: माओवादियों का नया जीवन और बस्तर में शांति की नई शुरुआत

बस्तर के माओवादियों के लिए नया जीवन: पंडुम कैफे की कहानी जहाँ गोलियों की जगह कॉफी की खुशबू आई

पंडुम कैफे: बस्तर के भय से आशा की ओर का महत्वपूर्ण सफर बस्तर के घने जंगलों में जहाँ कभी बंदूकों की आवाजें सुनाई देती थीं वहाँ अब कॉफी के प्याले की मीठी खनक सुनाई दे रही है। यह शांत क्रांति का प्रतीक है जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के द्वारा पुलिस लाइन्स परिसर में स्थित ‘पंडुम कैफे’ का उद्घाटन करके शुरू हुई है। इस छोटे से कैफे का महत्व सिर्फ खाना परोसने तक सीमित नहीं है बल्कि यह उन लोगों के लिए नए जीवन की शुरुआत है जो कभी नक्सलवाद में फंसे हुए थे। पंडुम कैफे के कर्मचारियों

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National Highway 130-D

अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग: नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया संचार

अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्व रायपुर। बस्तर अंचल, जो अपने घने जंगलों और नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, अब विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। अबूझमाड़ के कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी (NH-130-D) न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी सहायक होगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने इस परियोजना को नक्सली आतंक के अंधकार में विकास का नया उजाला बताया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किलोमीटर है,

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Amit Shah on Muria Darbar – बस्तर में आदिवासी संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपरा

मुरिया दरबार की ऐतिहासिक परंपरा वैश्विक धरोहर : अमित शाह

मुरिया दरबार में अमित शाह का संदेश: आदिवासी संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्य जगदलपुर/बस्तर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान 4 अक्टूबर को बस्तर के जगदलपुर में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति को अत्यंत आनंददायक बताया और कहा कि 1874 से लेकर आज तक मुरिया दरबार की सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था और आदिवासी संस्कृति को बचाने का चिंतन वैश्विक धरोहर है। मुरिया दरबार का लोकतांत्रिक महत्व श्री शाह ने कहा कि मुरिया दरबार के लोकतांत्रिक मूल्य पूरे देश के लिए जानकारी और अनुसंधान का विषय हैं।

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Amit Shah Naxal Warning Bastar – अमित शाह ने बस्तर के नक्सलियों को दी 31 मार्च 2026 तक हथियार डालने की अंतिम चेतावनी

अमित शाह ने बस्तर में नक्सलियों को दी अंतिम चेतावनी: 31 मार्च 2026 तक हथियार डालें

बस्तर में अमित शाह का नक्सलियों को अंतिम संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों को हथियार डालने होंगे, और इसके बाद किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं होगी। अमित शाह ने कहा कि सरकार बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “अब बात करने के लिए कुछ नहीं बचा” जगदलपुर में ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा,“अब बात करने की क्या बात

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