अमरावती महिला अस्पताल में तीन नवजातों की मौत पर अनिल देशमुख ने सरकार से पूछे सवाल

Amravati Hospital Newborn Deaths Anil Deshmukh Question: अमरावती जिला महिला अस्पताल में वेंटिलेटर विस्फोट से तीन नवजातों की मौत के बाद पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच केवल तकनीकी खराबी तक सीमित न रहे। अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो। साथ ही अग्निसुरक्षा प्रशिक्षण, उपकरणों के रखरखाव और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
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अमरावती अस्पताल हादसे की जांच को लेकर उठे सवाल
Amravati Hospital Newborn Deaths Anil Deshmukh Question: अमरावती के जिला महिला अस्पताल में वेंटिलेटर में हुए विस्फोट से तीन नवजात शिशुओं की मौत को राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने “महज तकनीकी दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और अक्षम्य उदासीनता का परिणाम” बताया है।
देशमुख ने मांग की कि जांच केवल वेंटिलेटर की खराबी तक सीमित न रहे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी और जिला शल्य चिकित्सक पर पहले से मौजूद अतिरिक्त कार्यभार की भी गहन जांच की मांग उठाई।
उन्होंने भंडारा जिला अस्पताल में 9 जनवरी 2021 को हुए अग्निकांड का हवाला दिया, जिसमें 10 नवजात शिशुओं की मौत हुई थी। उस घटना के बाद गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें आठ महीने बाद भी लागू नहीं हुईं। देशमुख के अनुसार, “यह रिपोर्ट आज भी धूल खा रही है।”
तीन नवजातों की मौत पर अनिल देशमुख ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के आपातकालीन विभाग के उपायुक्त प्रभात राहांगदळे की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों की अनदेखी पर भी सवाल उठाया।
देशमुख की प्रमुख मांगें:
- अस्पताल कर्मचारियों को नियमित अग्निसुरक्षा प्रशिक्षण
- जीवनरक्षक उपकरणों के रखरखाव हेतु स्वतंत्र तकनीकी व्यवस्था
- महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के 138 स्वीकृत रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती
- अस्पतालों की अग्निसुरक्षा के लिए अलग बजट प्रावधान
देशमुख ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी। उन्होंने जिम्मेदार तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करने की मांग की।
अब सबकी नजर इस पर है कि राज्य सरकार जांच के आदेश कब तक और किस स्तर पर देती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

