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Mumbai News: खेत रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों पर महाराष्ट्र सरकार की सख्ती, 5 साल तक सरकारी योजनाओं से होंगे वंचित

Mumbai News: खेत रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों पर महाराष्ट्र सरकार की सख्ती, 5 साल तक सरकारी योजनाओं से होंगे वंचित
Maharashtra farm road encroachment penalty government schemes blocked: महाराष्ट्र में खेत रास्तों पर कब्जा करने वालों का आधार और किसान आईडी 5 साल के लिए होगा ब्लॉक। राजस्व मंत्री बावनकुले का बड़ा ऐलान। (File photo)

Maharashtra farm road encroachment penalty government schemes blocked: सरकार ने खेतों के रास्तों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। ऐसे लोगों के आधार और किसान आईडी पांच साल के लिए बंद होंगे। सात दिन का नोटिस दिया जाएगा, फिर कार्रवाई होगी। इस फैसले का मकसद किसानों को आसानी से रास्ता देना और गांवों में विवाद कम करना है।

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Asfi Shadab
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खेत के रास्ते रोकने वालों पर सख्ती, पांच साल तक योजनाओं से दूर रहेंगे लोग

Maharashtra farm road encroachment penalty government schemes blocked: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने खेत और पाणंद (कच्चे) रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक अहम फैसला लिया है – ऐसे लोगों के आधार कार्ड और किसान आईडी को 5 वर्षों के लिए ब्लॉक किया जाएगा, जिससे वे सभी सरकारी योजनाओं और सहायता के लिए अयोग्य हो जाएंगे।

क्या होगी कार्रवाई की प्रक्रिया?

गांव के नक्शे में दर्ज या सरकारी जमीन पर बने रास्तों पर अतिक्रमण पाए जाने पर तहसीलदार संबंधित व्यक्ति को 7 दिनों की नोटिस देंगे। यदि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा। जिन रास्तों पर किसानों को आवागमन का अधिकार प्राप्त है, वहां किसी भी प्रकार की खेती की अनुमति नहीं होगी।

पांच साल तक योजनाओं से वंचित रखने का सख्त नियम लागू

स्वैच्छिक जमीन देने पर मिलेगी छूट

इस योजना के तहत जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। जो किसान स्वेच्छा से जमीन देंगे, उन्हें स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी जाएगी। हालांकि, एक बार दी गई जमीन वापस मांगने का अधिकार नहीं रहेगा।

विधायकों और ठेकेदारों के लिए भी नए नियम

क्षेत्रीय समिति में किसानों के चयन का अधिकार अब स्थानीय विधायक को सौंपा गया है। ठेकेदारों के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए हैं – सुरक्षा जमा और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

यह निर्णय ग्रामीण किसानों के लिए रास्तों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला तहसीलदारों को सौंपी जाएगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।