नागपुर में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा

BMA Indo-German Chamber of Commerce skill development partnership: नागपुर में बीएमए और इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के बीच कौशल विकास साझेदारी पर चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। जर्मन सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बीएमए परिसर में प्रशिक्षण शुरू करने का प्रस्ताव है। इससे युवाओं को भारत और जर्मनी में रोजगार के अवसर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
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कौशल विकास से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
BMA Indo-German Chamber of Commerce skill development partnership: नागपुर: बुटीबोरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (बीएमए) ने औद्योगिक कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस उद्देश्य से बीएमए और इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईजीसीसी) के बीच संभावित सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ सलाहकार जेम्स कैसर ने बीएमए परिसर का दौरा कर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ प्रस्तावित परियोजना पर विचार-विमर्श किया। इस साझेदारी के तहत उद्योगों की आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय विनिर्माण मानकों के अनुरूप कौशल विकास पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को आईजीसीसी द्वारा तैयार कर जर्मन सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
मंजूरी मिलने के बाद इन विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन बीएमए परिसर में ही किए जाने का प्रस्ताव है। इससे स्थानीय युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता मिलेगी, जिससे वे आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
बीएमए और इंडो-जर्मन चैंबर के बीच साझेदारी पर हुई चर्चा
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को भारत में कार्यरत जर्मन कंपनियों के साथ-साथ जर्मनी में भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
बीएमए के पदाधिकारियों ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने और उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी। एसोसिएशन ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
बैठक में बीएमए के संरक्षक प्रदीप खंडेलवाल, अध्यक्ष शशिकांत कोठारकर, सचिव शशिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अभिजीत मांडवगणे, रवि सिंह एवं सुबोध देउलगांवकर, संयुक्त सचिव अजय गुप्ता, सौरभ अग्रवाल एवं देबाशीष शर्मा तथा कोषाध्यक्ष ईशान गोयल सहित एसोसिएशन के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
अब यह प्रस्ताव जर्मन सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम की तिथि तय होगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

