“दत्ताभाऊ वास्तव में ‘दाता’ भाऊ थे” – मुख्यमंत्री फडणवीस ने विदर्भ क्रिकेट असोसिएशन मैदान जामठा में दी श्रद्धांजलि, नागपुर-वर्धा में बनेंगे दो स्मारक

Datta Meghe condolence meeting Nagpur: नागपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने दत्ताभाऊ को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन आम आदमी और गरीबों के लिए समर्पित था। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किए। जल्द ही नागपुर और वर्धा में उनके नाम पर स्मारक बनाए जाएंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
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दत्ताभाऊ ने हमेशा आम आदमी को रखा सबसे आगे – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
Datta Meghe condolence meeting Nagpur: नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वर्गीय दत्ता मेघे को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे जनसामान्य, बहुजन और गरीबों के सच्चे नेता थे। लोग उन्हें स्नेह से “दत्ताभाऊ” कहते थे, लेकिन वे वास्तव में “दाता” भाऊ थे।

विदर्भ क्रिकेट असोसिएशन मैदान जामठा, नागपुर में आयोजित सर्वदलीय शोकसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा – “दत्ताभाऊ ने जो स्वयं नहीं पाया, वह दूसरों को मिले – इसके लिए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकार जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया। आम आदमी हमेशा उनके कार्यों के केंद्र में रहा।”

शोकसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। गडकरी ने कहा – “दत्ता मेघे ने राजनीति में रहते हुए भी पूर्ण समर्पण के साथ समाजसेवा की। वे ऐसे नेता थे जो हर जरूरतमंद के साथ मजबूती से खड़े रहते थे और कोई भी व्यक्ति उनके पास से खाली हाथ नहीं लौटता था।”

श्रद्धांजलि सभा में दत्ताभाऊ के समाज सेवा कार्यों को किया गया याद

मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि नागपुर और वर्धा में दत्ता मेघे के कार्यों को समर्पित दो स्मारक जल्द बनाए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।

स्मारकों के निर्माण की समयसीमा और स्थान को लेकर आगामी दिनों में आधिकारिक घोषणा अपेक्षित है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

