महाराष्ट्र सरकार ने प्रारूप कानून वापस लिया, विश्व हिंदू परिषद ने फैसले का स्वागत किया

Maharashtra Devasthan Inam Nirmulan Bill withdrawal: महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप अधिनियम, 2026’ को वापस लेने की घोषणा की है। विश्व हिंदू परिषद और देवस्थान प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। परिषद ने विशेषज्ञ समिति के गठन को सराहनीय बताया और कहा कि इससे देवस्थानों के अधिकारों, परंपराओं और हितों पर व्यापक चर्चा कर उचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
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देवस्थानों से जुड़े मुद्दे पर सरकार का बड़ा फैसला
Maharashtra Devasthan Inam Nirmulan Bill withdrawal: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने विवादित ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप अधिनियम, 2026’ को वापस लेने की घोषणा की है। राज्य के हजारों देवस्थानों की धार्मिक स्वायत्तता और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है। विश्व हिंदू परिषद वीएचपी (VHP) और राज्य के देवस्थान प्रतिनिधियों ने इस कदम का स्वागत किया है।
वीएचपी (VHP) की महाराष्ट्र-गोवा इकाई ने मुंबई में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुळे और महाराष्ट्र सरकार का अभिनंदन किया। परिषद ने कहा कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभावनाओं के सम्मान को दर्शाता है।
विशेषज्ञ समिति बनाकर सभी पक्षों से होगी चर्चा
सरकार ने नया कानून बनाने में जल्दबाजी न करते हुए सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया है। वीएचपी (VHP) के क्षेत्र मंत्री रामचंद्र रामूका और मंदिर आयाम क्षेत्र प्रमुख अनिल सांबरे ने विज्ञप्ति पर हस्ताक्षर किए।
परिषद ने विश्वास जताया कि विशेषज्ञ समिति धार्मिक संस्थाओं और विधि विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर देवस्थानों के हित में उचित निर्णय लेगी।
अब विशेषज्ञ समिति के गठन और उसकी कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

