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Nagpur News: सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी ने बकाया राशि नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी

Nagpur News: सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी ने बकाया राशि नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी
MSRTC retired clerk salary dues Self immolation threat Nagpur: सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी ने बकाया राशि नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी (Image: AI)

MSRTC retired clerk salary dues Self immolation threat Nagpur: नागपुर में एमएसआरटीसी की सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक प्रमिला बोकडे ने पांच साल से रुकी करीब 55 हजार रुपये की बकाया राशि जारी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बिना सीधी गलती के उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने मामले में ऑडिट आपत्तियों और जांच प्रक्रिया का हवाला दिया है।

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Asfi Shadab
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पांच साल से बकाया राशि मिलने का इंतजार

MSRTC retired clerk salary dues Self immolation threat Nagpur: नागपुर। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) की सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक प्रमिला ताराचंद बोकडे ने चेतावनी दी है कि यदि उनका लंबित वेतन बकाया जल्द जारी नहीं किया गया, तो वे नागपुर विभागीय कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगी।

पांच साल से रुकी है 55 हजार रुपये की राशि

बोकडे नागपुर विभागीय कार्यालय की श्रम शाखा में कार्यरत थीं और वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त हुई थीं। सेवानिवृत्ति के पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके लगभग 55 हजार रुपये के वेतन बकाये की राशि रोके जाने का आरोप है।

किसी और की गलती का खामियाजा भुगत रही हैं बोकडे

बोकडे के अनुसार, यह मामला पूर्व कंडक्टर अमोल गनवीर के अवकाश बकाया भुगतान से जुड़ा है, जो वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका कहना है कि संबंधित रिकॉर्ड और गणना का कार्य उन्होंने नहीं संभाला था — फिर भी किसी अन्य लिपिक की कथित गलती का बोझ उन पर डाला जा रहा है।

आत्मदाह की चेतावनी के बाद हरकत में आया विभाग

एमएसआरटीसी अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह राशि वर्ष 2020-2024 के वेतन समझौता प्रक्रिया के कारण रोकी गई है। बोकडे ने इसे अन्यायपूर्ण बताया।

मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गुहार

बोकडे ने एमएसआरटीसी के अध्यक्ष, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, श्रम विभाग और कर्मचारी संगठनों को कई निवेदन भेजे हैं। लोकमत टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं आर्थिक तंगी और खराब स्वास्थ्य से जूझ रही हूं। बिना उचित कारण मेरी राशि रोकना सरासर अन्याय है।”

विभाग का पक्ष: ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार

एमएसआरटीसी के विभागीय नियंत्रक महेंद्रकुमार नवरे ने बताया कि मामले में ऑडिट आपत्तियां हैं और अंतिम आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने यह भी कहा कि बोकडे को पहले चर्चा के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुईं। अब कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ नई बैठक तय की गई है।

कर्मचारी संगठनों ने भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठक पर टिकी हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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