नागपुर के डॉ. जेरिल बनैत नई दिल्ली में ब्रिक्स बायोडिजाइन कार्यक्रम का बने हिस्सा

नागपुर के डॉक्टर जेरिल बनैत का ब्रिक्स बायोडिजाइन कार्यक्रम में शामिल होना: नागपुर के त्वचा रोग विशेषज्ञ और मेडिकल एजुकेटर डॉ. जेरिल बनैत ने 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बायोडिजाइन प्रोग्राम (BRICS BioDesign Programme) में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य नवाचार, तकनीक, अनुसंधान, बायोडिजाइन (BioDesign) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई। डॉ. बनैत ने विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया और स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
विषयसूची
स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक को जोड़ने वाली पहल
नागपुर के डॉक्टर जेरिल बनैत का ब्रिक्स बायोडिजाइन कार्यक्रम में शामिल होना: नागपुर, 12 सितंबर 2026: नागपुर के प्रसिद्ध त्वचा रोग विशेषज्ञ, एस्थेटिक फिजिशियन एवं मेडिकल एजुकेटर डॉ. जेरिल बनैत को 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बायोडिजाइन प्रोग्राम (BRICS BioDesign Programme) – मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) एक्सचेंज एंड वेबसाइट लॉन्च (Memorandum of Agreement (MoA) Exchange & Website Launch) कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और बायोडिजाइन (BioDesign) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। इसमें भारत सहित अन्य ब्रिक्स (BRICS) देशों के प्रतिष्ठित चिकित्सक, वैज्ञानिक, नवोन्मेषक, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए।
डॉ. बनैत ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार, मेडिकल टेक्नोलॉजी, अनुसंधान, बायोडिजाइन (BioDesign) तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।


ब्रिक्स बायोडिजाइन कार्यक्रम में डॉ. जेरिल बनैत की भागीदारी
कार्यक्रम पर डॉ. बनैत ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और नवाचार को एक मंच पर लाने वाली पहल का हिस्सा बनना मेरे लिए गौरव की बात है। भारत में चिकित्सकीय और वैज्ञानिक क्षमता बहुत अधिक है तथा इस तरह के सहयोग से विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर पर उपयोगी नवाचारों और स्वास्थ्य समाधान में परिवर्तित करने में मदद मिल सकती है।”
डॉ. बनैत एस्थेटिक मेडिसिन, उन्नत प्रक्रियात्मक प्रशिक्षण और मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। उनका कार्य भारत में एस्थेटिक मेडिसिन में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित प्रशिक्षण, वैज्ञानिक पद्धति और संरचित शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम में सहभागिता ने उन्हें व्यापक हेल्थकेयर इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर दिया, साथ ही क्लिनिकल मेडिसिन के साथ टेक्नोलॉजी, रिसर्च, रीजेनेरेटिव मेडिसिन और बायोडिजाइन (BioDesign) के संभावित समन्वय पर भी चर्चा हुई।
ब्रिक्स (BRICS) देशों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ हुए इस संवाद से आने वाले समय में शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

