नागपुर में रबारी समाज की 50 हजार भेड़ों के लिए विशेष स्वास्थ्य और टीकाकरण अभियान

Nagpur Rabari Samaj sheep vaccination campaign: नागपुर में महाराष्ट्र शासन के पशुसंवर्धन विभाग और सीपीसी के संयुक्त प्रयास से प्रवासी रबारी समाज की भेड़ों के लिए विशेष स्वास्थ्य, टीकाकरण और कृमिनाशन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 50 हजार भेड़ों का टीकाकरण किया गया। अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और रबारी समाज के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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रबारी समाज की भेड़ों के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान
Nagpur Rabari Samaj sheep vaccination campaign: नागपुर, 20 जुलाई। महाराष्ट्र शासन के पशुसंवर्धन विभाग और सेंटर फॉर पीपल्स कलेक्टिव (सीपीसी) के संयुक्त तत्वावधान में नागपुर में प्रवासी रबारी समाज की भेड़ों के लिए विशेष पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं कृमिनाशन अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभियान का शुभारंभ पशुसंवर्धन विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी ने किया।
वर्तमान में नागपुर क्षेत्र में प्रवासी रबारी समाज की लगभग 20 से 25 हजार भेड़ें अस्थायी रूप से निवास कर रही हैं। लगातार प्रवास के कारण इन भेड़ों में फुट एंड माउथ डिजीज (एफएमडी), पीपीआर तथा शीप पॉक्स जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम ने भेड़ों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें एफएमडी का टीका, कृमिनाशक दवाएं तथा जरूरत के अनुसार उपचार दिया। इस वर्ष नागपुर संभाग में कुल 50 हजार भेड़ों का टीकाकरण और कृमिनाशन किया गया, जिसे महाराष्ट्र के सबसे बड़े पशु स्वास्थ्य अभियानों में गिना जा रहा है।
50 हजार भेड़ों का टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच पूरी हुई
कार्यक्रम में प्रादेशिक सहआयुक्त डॉ. सतीश राजू, जिला उपायुक्त डॉ. नितीन फुके, डॉ. सुबोध नंदागवळी, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, माफसू के विद्यार्थी और पशु चिकित्सा दल के सदस्य मौजूद रहे। सीपीसी के निदेशक सजल कुलकर्णी ने संस्थागत समन्वय संभाला, जबकि अजिंक्य शहाणे ने रबारी समाज से क्षेत्रीय समन्वय स्थापित किया। लाखा रबारी, अर्जुन रबारी, करसन रबारी सहित अन्य पशुपालकों ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
पशुसंवर्धन विभाग के अनुसार, ऐसे अभियान पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के साथ-साथ पशुपालकों की आजीविका सुरक्षित करने और पशुधन उत्पादकता बढ़ाने में मदद करते हैं। विभाग ने बताया कि भविष्य में भी प्रवासी पशुपालकों के लिए ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाते रहेंगे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

