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नागपुर के वांजरा परिसर में भीषण आग से 70 से 80 लाख का नुकसान, शॉर्ट सर्किट से लगी आग

नागपुर के वांजरा परिसर में भीषण आग से 70 से 80 लाख का नुकसान, शॉर्ट सर्किट से लगी आग
Nagpur Wanjara Fire: नागपुर के वांजरा परिसर में भीषण आग, 70-80 लाख का नुकसान

नागपुर के वांजरा परिसर स्थित किरण इंटरप्राइजेज में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी। पॉलिएस्टर पट्टी की ग्राइंडिंग करने वाली इस फैक्ट्री में 70 से 80 लाख रुपये का मुद्देमाल जलकर राख हो गया। 9 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। यशोधरा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

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Asfi Shadab
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नागपुर शहर के वांजरा परिसर में आज सुबह एक भीषण आग की घटना सामने आई है। किरण इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण मीटर में आग लग गई, जो देखते ही देखते पूरे परिसर में फैल गई। इस हादसे में करीब 70 से 80 लाख रुपये का मुद्देमाल जलकर राख हो गया। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।

आग लगने की घटना का विवरण

सूत्रों के मुताबिक, किरण इंटरप्राइजेज में पॉलिएस्टर पट्टी की ग्राइंडिंग का काम होता था। यहां पॉलिएस्टर पट्टियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता था। आज सुबह जब फैक्ट्री में काम शुरू हुआ, तभी अचानक बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट हो गया। इस शॉर्ट सर्किट के कारण मीटर में चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं।

फैक्ट्री में रखा हुआ पॉलिएस्टर का मुद्देमाल आसानी से आग पकड़ने वाला था। इसलिए आग बहुत तेजी से फैलने लगी। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया। आसपास के लोगों ने जैसे ही आग देखी, तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही नागपुर महानगरपालिका के दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। घटनास्थल पर 9 दमकल गाड़ियां भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने बिना देर किए आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। आग की भयावहता को देखते हुए अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैल रही थी। पॉलिएस्टर का सामान होने के कारण आग को बुझाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन समय पर पहुंचने और सही रणनीति अपनाने से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोका जा सका। अगर थोड़ी भी देरी होती तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।

पुलिस प्रशासन की सतर्कता

घटनास्थल पर यशोधरा पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। पुलिस ने जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के इलाके को खाली करवाया। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बैरिकेड्स लगाए गए। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले इलाके में न जाए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने तुरंत इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया था। आग बुझाने के दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पूरा इलाका घेर लिया गया था। लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।

फैक्ट्री मालिक का बयान

फैक्ट्री के मालिक विजय परमलाल शाहू बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह घटना पूरी तरह से अचानक हुई। सुबह जब काम शुरू हुआ तभी मीटर में शॉर्ट सर्किट हो गया। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया और सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

शाहू ने बताया कि फैक्ट्री में करीब 70 से 80 लाख रुपये का मुद्देमाल रखा हुआ था। सारा सामान जलकर राख हो गया। उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। लेकिन वे राहत की सांस ले रहे हैं कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

किसी की जान नहीं गई

इस पूरी घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। न ही किसी को गंभीर चोट आई। समय पर सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। दमकल कर्मियों और पुलिस की सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों ने भी दमकल विभाग और पुलिस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आग पूरे इलाके में फैल सकती थी।

शॉर्ट सर्किट की बढ़ती घटनाएं

नागपुर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली के तारों में ओवरलोड होने से ऐसी घटनाएं ज्यादा होती हैं। पुरानी वायरिंग और खराब इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी इसका मुख्य कारण हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों और व्यावसायिक इकाइयों में समय-समय पर बिजली की जांच करवानी चाहिए। पुराने मीटर और तारों को बदलना चाहिए। इससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

सुरक्षा उपायों की जरूरत

इस घटना के बाद यह सवाल फिर से उठ रहा है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। क्या सभी फैक्ट्रियों में अग्निशमन यंत्र मौजूद हैं? क्या कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी दी जाती है?

अधिकारियों को चाहिए कि वे सभी व्यावसायिक इकाइयों का निरीक्षण करें। जहां सुरक्षा उपाय नहीं हैं, वहां सख्त कार्रवाई की जाए। फायर सेफ्टी के नियमों का पालन करवाया जाए।

आगे की जांच

पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। फायर ब्रिगेड विभाग भी आग लगने के सही कारणों का पता लगा रहा है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट ही मुख्य कारण बताया जा रहा है। लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सही कारण का पता चल पाएगा।

अधिकारियों ने कहा है कि वे यह भी देखेंगे कि फैक्ट्री में सभी सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था या नहीं। अगर किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

नागपुर में पिछली आग की घटनाएं

नागपुर में पिछले कुछ महीनों में कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। कभी बाजार में तो कभी आवासीय इमारतों में आग लगती है। ज्यादातर मामलों में शॉर्ट सर्किट ही मुख्य कारण रहा है।

इन घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है। लोग चाहते हैं कि प्रशासन सख्त कदम उठाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

इस घटना से एक बार फिर यह साबित हुआ कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। समय पर सतर्कता और सही कार्रवाई से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है। नागपुर प्रशासन को चाहिए कि वह सभी व्यावसायिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।