जरूर पढ़ें

Nagpur News: बदलती तकनीक में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका हुई और भी जरूरी

National Public Relations Day Nagpur: बदलती तकनीक में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका हुई और भी जरूरी
National Public Relations Day Nagpur: बदलती तकनीक में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका हुई और भी जरूरी (Photo: RB / Jassi)

National Public Relations Day Nagpur: नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में बदलती मीडिया तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना और गलत सूचनाओं को रोकना उनकी मुख्य जिम्मेदारी बन गई है।

Updated:

बदलती तकनीक में जनसंपर्क की बढ़ती अहमियत

National Public Relations Day Nagpur: नागपुर। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और सोशल मीडिया पर सूचनाओं की बाढ़ के बीच जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यह विचार जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी ने व्यक्त किए।

रविभवन के सभागार में पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI) की नागपुर शाखा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस समारोह में महामुनी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि मीडिया क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों और आम लोगों की सोशल मीडिया पर बढ़ती भागीदारी के कारण सूचना का अत्यधिक प्रसार हो रहा है — और ऐसे माहौल में जनसंपर्क अधिकारी की जिम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है।

National Public Relations Day Nagpur: बदलती तकनीक में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका हुई और भी जरूरी
National Public Relations Day Nagpur: बदलती तकनीक में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका हुई और भी जरूरी (Photo: RB / Jassi)

पुरस्कार और सम्मान

इस अवसर पर दो विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त सूचना संचालक शरद चौधरी को उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए जीवनगौरव पुरस्कार से नवाजा गया। महामेट्रो के उपमहाव्यवस्थापक अखिलेश हलवे को उत्कृष्ट जनसंपर्क अधिकारी पुरस्कार प्रदान किया गया।

सही जानकारी पहुंचाने में जनसंपर्क अधिकारी की मुख्य भूमिका

जनसंपर्क को पाँचवाँ स्तंभ मानने की माँग

कार्यक्रम में वक्ताओं ने एकमत से कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभों — विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया — के साथ-साथ जनसंपर्क को पाँचवें स्तंभ के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि जनसंपर्क अधिकारी प्रशासन और मीडिया के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाना, सही जानकारी जनता तक पहुँचाना और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं।

समारोह में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : पत्रकारिता और जनसंपर्क’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI) नागपुर शाखा के इस वार्षिक आयोजन में शहर के वरिष्ठ पत्रकार, जनसंपर्क पेशेवर और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।