Rashtra Bharat Logo
Banner

Nagpur News: सावनेर की नई जलापूर्ति योजना को तकनीकी मंजूरी, अगले 50 वर्षों की पानी की जरूरत पूरी करने की तैयारी

Nagpur News: सावनेर की नई जलापूर्ति योजना को तकनीकी मंजूरी, अगले 50 वर्षों की पानी की जरूरत पूरी करने की तैयारी
Saoner new water supply scheme approval: सावनेर की नई जलापूर्ति योजना को तकनीकी मंजूरी, अगले 50 वर्षों की पानी की जरूरत पूरी करने की तैयारी (Image: AI)

Saoner new water supply scheme approval: सावनेर शहर की 94.45 करोड़ रुपये की संशोधित जलापूर्ति योजना को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने मंजूरी दे दी है। योजना को अमृत 2.0 मिशन के तहत प्रशासनिक स्वीकृति देने की अनुशंसा की गई है। नई पाइपलाइन, तीन जलाशय और आधुनिक फिल्टर प्लांट बनाए जाएंगे। विधायक डॉ. आशीषराव देशमुख ने कहा कि इससे अगले 50 वर्षों तक शहर की पानी की जरूरत पूरी होगी।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

सावनेर की नई जलापूर्ति योजना को मिली तकनीकी मंजूरी

Saoner new water supply scheme approval: सावनेर शहर की 94.45 करोड़ रुपये की संशोधित जलापूर्ति योजना को राज्य सरकार की राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने 3 जुलाई 2026 की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी है। नगर विकास विभाग द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी कार्यवृत्त के अनुसार, अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति देने की अनुशंसा की गई है।

इस मंजूरी के पीछे विधायक डॉ. आशीषराव देशमुख द्वारा नगर विकास विभाग, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण तथा संबंधित सरकारी विभागों के समक्ष की गई लगातार पैरवी की अहम भूमिका रही।

वर्तमान में सावनेर की आबादी करीब 50 हजार है, जबकि शहर की जलापूर्ति अब भी कोलार (जुनेवानी) और कन्हान नदी पर आधारित करीब 40 वर्ष पुरानी योजनाओं पर निर्भर है। बढ़ती आबादी के कारण इन पुरानी योजनाओं पर दबाव बढ़ गया था।

नई पाइपलाइन और जलाशयों से सुधरेगी पानी की व्यवस्था

नई योजना के तहत कोच्छी बांध से सावनेर तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नई पाइपलाइन, तीन नए ओवरहेड टैंक, आधुनिक फिल्टर प्लांट और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

तकनीकी समिति ने मंजूरी के साथ शर्तें भी रखी हैं  महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की तकनीकी शर्तों का पालन, जल आरक्षण व अनुमतियां, स्थानीय अंशदान, भूमि नगर परिषद के नाम होना, और जल जीवन मिशन की तय समयसीमा में काम पूरा करना अनिवार्य होगा। तय समय पर काम न होने पर अतिरिक्त वित्तीय भार स्थानीय निकाय को ही वहन करना होगा।

विधायक डॉ. आशीषराव देशमुख ने कहा, “सावनेर की पेयजल समस्या नागरिकों के जीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस परियोजना के माध्यम से शहर की अगले 50 वर्षों तक की जल आवश्यकता पूरी होगी।” उन्होंने शेष प्रशासनिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कराने का आश्वासन दिया।

सावनेर के नगराध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नगरसेवकों ने इस उपलब्धि के लिए विधायक का आभार जताया। अब प्रशासनिक स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।