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Nagpur News: महंगाई के खिलाफ शिवसेना का अनोखा आंदोलन, सड़क पर बांटी ‘मेलोडी चॉकलेट’

Nagpur News: महंगाई के खिलाफ शिवसेना का अनोखा आंदोलन, सड़क पर बांटी ‘मेलोडी चॉकलेट’
Nagpur News: महंगाई के खिलाफ शिवसेना का अनोखा आंदोलन, सड़क पर बांटी ‘मेलोडी चॉकलेट’

नागपुर में शुक्रवार को शिवसेना ने महंगाई के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सीताबर्डी के व्हेरायटी चौक पर कार्यकर्ताओं ने लोगों के बीच ‘मेलोडी चॉकलेट’ बांटकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की राजनीति पर तंज कसा। पेट्रोल-डीजल, गैस कीमतों और बेरोजगारी को लेकर जमकर नारेबाजी भी की गई।

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Dipali Kumari
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Shiv Sena Protest: नागपुर में आज शुक्रवार को राजनीति का एक अलग ही रंग देखने को मिला। बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ शिवसेना ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। शिवसैनिकों ने नागपुर के सीताबर्डी स्थित व्हेरायटी चौक पर लोगों के बीच ‘मेलोडी चॉकलेट’ बांटकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की राजनीति पर तंज कसा।

इस आंदोलन का नेतृत्व महानगर प्रमुख किशोर कुमारिया ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों ने सिर और हाथों पर काली पट्टियां बांध रखी थीं। सड़क पर उतरकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। “जनता त्रस्त, मोदी मस्त” और “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

महंगाई के खिलाफ शिवसेना का अनोखा आंदोलन, सड़क पर बांटी ‘मेलोडी चॉकलेट’
महंगाई के खिलाफ शिवसेना का अनोखा आंदोलन, सड़क पर बांटी ‘मेलोडी चॉकलेट’

आम आदमी पर ध्यान नहीं दे रही सरकार- शिवसेना

शिवसेना नेताओं ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम आम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार केवल बड़े-बड़े इवेंट और प्रचार में व्यस्त दिखाई दे रही है। नेताओं का आरोप था कि आम आदमी की परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रही है।

 बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। नेताओं ने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई।

शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के लगातार विदेश दौरों और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में देशभर में इसी तरह के बड़े आंदोलन किए जाएंगे। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिवसैनिक शामिल हुए और काफी देर तक इलाके में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।