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पैनगंगा अभयारण्य में सुविधाओं की कमी, पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान

पैनगंगा अभयारण्य में सुविधाओं की कमी, पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान
Painganga Sanctuary: सुविधाओं का अभाव और रोजगार की समस्या से जूझते स्थानीय लोग (File Photo)

पैनगंगा अभयारण्य और सहस्त्रकुंड जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पर्यटक यहां नहीं आते। सड़क, पानी, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा। सरकार से कई बार मांग की गई लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

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Asfi Shadab
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पैनगंगा अभयारण्य प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक ऐसा स्थान है जो पर्यटन के लिए बेहद उपयुक्त है। यहां स्थित सहस्त्रकुंड जलप्रपात भी देखने लायक है। लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यह जगह पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों पर पड़ा है जिन्हें रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

पैनगंगा अभयारण्य में पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। यहां ठहरने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। खाने-पीने की दुकानें भी नहीं हैं। सड़कों की हालत खराब है जिससे यहां पहुंचना मुश्किल हो जाता है। शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। इन सभी कारणों से पर्यटक इस खूबसूरत जगह पर आने से कतराते हैं।

स्थानीय लोगों को नहीं मिला रोजगार

अभयारण्य के आसपास रहने वाले लोगों को उम्मीद थी कि इस जगह के विकास से उन्हें रोजगार मिलेगा। लेकिन सुविधाओं के अभाव में पर्यटक ही नहीं आते तो रोजगार कैसे मिलेगा। स्थानीय युवा गाइड के रूप में काम कर सकते थे। महिलाएं घरेलू उत्पाद बेच सकती थीं। छोटे व्यवसाय शुरू हो सकते थे। लेकिन यह सब सिर्फ सपना बनकर रह गया है।

सहस्त्रकुंड जलप्रपात की उपेक्षा

पैनगंगा अभयारण्य के पास ही सहस्त्रकुंड जलप्रपात है। यह एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है। बरसात के मौसम में यह और भी मनमोहक हो जाता है। लेकिन यहां भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। न तो यहां पहुंचने के लिए सही रास्ता है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था। पर्यटकों के लिए कोई जानकारी बोर्ड भी नहीं लगा है।

पर्यटकों ने मुंह मोड़ लिया

शुरुआत में कुछ पर्यटक यहां आते थे। लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी होती थी। धीरे-धीरे लोगों ने इस जगह से मुंह मोड़ लिया। आज यह खूबसूरत अभयारण्य सुनसान पड़ा है। जो पर्यटक आते भी हैं वे जल्दी ही लौट जाते हैं।

सरकार से मांग

स्थानीय लोगों ने कई बार सरकार से मांग की है कि यहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, पानी, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था हो। एक सूचना केंद्र भी बनाया जाए। लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए तो यह जगह पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकती है और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकता है।

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