
मेडिकल हब, ताइवान सिटी और फार्मा क्लस्टर समेत कई बड़े प्रोजेक्ट मंजूर Jewar Airport Development: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास आने वाले समय में सिर्फ हवाई यात्रा की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि पूरा इलाका मेडिकल, शिक्षा, उद्योग, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं में 500 एकड़ में मेडिकल हब, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 300 एकड़ में ताइवान सिटी, 100 से 125 एकड़ में फार्मा क्लस्टर,

मेडिकल हब, ताइवान सिटी और फार्मा क्लस्टर समेत कई बड़े प्रोजेक्ट मंजूर Jewar Airport Development: जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास आने वाले समय में सिर्फ हवाई यात्रा की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि पूरा इलाका मेडिकल, शिक्षा, उद्योग, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं में 500 एकड़ में मेडिकल हब, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 300 एकड़ में ताइवान सिटी, 100 से 125 एकड़ में फार्मा क्लस्टर,

Noida Workers Protest: नोएडा में मजदूरों और फैक्ट्री कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। सोमवार को जो आवाज अपने हक की मांग से शुरू हुई थी, वह देखते ही देखते पथराव, आगजनी और झड़पों में बदल गई। जानकारी के मुताबिक, करीब 80 स्थानों पर 40 हजार से अधिक मजदूर सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर सुरक्षाबलों के साथ उनकी झड़प हुई, तो कहीं सड़कों को जाम कर दिया गया। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे, तो दुकानदारों ने डर के

Noida Workers Protest: नोएडा में मजदूरों और फैक्ट्री कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। सोमवार को जो आवाज अपने हक की मांग से शुरू हुई थी, वह देखते ही देखते पथराव, आगजनी और झड़पों में बदल गई। जानकारी के मुताबिक, करीब 80 स्थानों पर 40 हजार से अधिक मजदूर सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर सुरक्षाबलों के साथ उनकी झड़प हुई, तो कहीं सड़कों को जाम कर दिया गया। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे, तो दुकानदारों ने डर के

Noida Metro Extension Sector 142 to Botanical Garden: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल के विस्तार को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस नई मेट्रो लाइन से नोएडा सेक्टर 142 से लेकर बॉटनिकल गार्डन तक सीधा रास्ता मिलेगा। यह विस्तार करीब 11.56 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर आठ नए एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को भी दिल्ली तक जाने

Noida Metro Extension Sector 142 to Botanical Garden: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल के विस्तार को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस नई मेट्रो लाइन से नोएडा सेक्टर 142 से लेकर बॉटनिकल गार्डन तक सीधा रास्ता मिलेगा। यह विस्तार करीब 11.56 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर आठ नए एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को भी दिल्ली तक जाने

Yuvraj Mehta: नोएडा की एक सामान्य-सी सुबह अचानक एक परिवार के लिए हमेशा के लिए अंधेरी हो गई। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने सिर्फ एक घर नहीं उजाड़ा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। शुरुआत में यह मामला एक हादसे की तरह सामने आया, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, लापरवाही और जवाबदेही की तस्वीर और गहरी होती चली गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे भारी आवाज उस पिता की है, जिसने अपना बेटा खोया है, लेकिन फिर भी न्याय की उम्मीद छोड़ी नहीं है। युवराज मेहता के पिता राजकुमार

Yuvraj Mehta: नोएडा की एक सामान्य-सी सुबह अचानक एक परिवार के लिए हमेशा के लिए अंधेरी हो गई। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने सिर्फ एक घर नहीं उजाड़ा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। शुरुआत में यह मामला एक हादसे की तरह सामने आया, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, लापरवाही और जवाबदेही की तस्वीर और गहरी होती चली गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे भारी आवाज उस पिता की है, जिसने अपना बेटा खोया है, लेकिन फिर भी न्याय की उम्मीद छोड़ी नहीं है। युवराज मेहता के पिता राजकुमार

Yuvraj Mehta Death Case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी विकास, निर्माण स्थलों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसने इस हादसे की भयावह सच्चाई को और गहराई से उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार युवराज की मौत दम घुटने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी। यह हादसा 17 जनवरी की सुबह उस समय हुआ, जब घने कोहरे के बीच युवराज काम से लौट रहे थे।

Yuvraj Mehta Death Case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी विकास, निर्माण स्थलों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसने इस हादसे की भयावह सच्चाई को और गहराई से उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार युवराज की मौत दम घुटने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी। यह हादसा 17 जनवरी की सुबह उस समय हुआ, जब घने कोहरे के बीच युवराज काम से लौट रहे थे।

भारतीय कला और मूर्तिकला जगत के लिए यह एक दुखद दिन है। देश के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित शिल्पकार राम वनजी सुतार का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राम सुतार वही कलाकार थे जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कला प्रेमी और राजनीतिक जगत के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राम सुतार का जन्म 1930 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में 60 वर्षों से अधिक समय तक

भारतीय कला और मूर्तिकला जगत के लिए यह एक दुखद दिन है। देश के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित शिल्पकार राम वनजी सुतार का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राम सुतार वही कलाकार थे जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कला प्रेमी और राजनीतिक जगत के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राम सुतार का जन्म 1930 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में 60 वर्षों से अधिक समय तक

भारत में डीज़ल के दाम स्थिर, 11 महीने से नहीं हुआ कोई बदलाव 5 नवंबर 2025: देशभर में डीज़ल के दाम पिछले 11 महीनों से स्थिर हैं। मुंबई में आज डीज़ल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर, जबकि दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर दर्ज की गई।1 दिसंबर 2024 से अब तक देश में डीज़ल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। डीज़ल की कीमतें अब रोजाना तय की जाती हैं — यह प्रणाली 15 जून 2017 से लागू है। पहले हर 15 दिन में बदलाव होता था, जिससे अचानक मूल्य परिवर्तन उपभोक्ताओं के लिए बोझ बन जाता था। मुख्य महानगरों

भारत में डीज़ल के दाम स्थिर, 11 महीने से नहीं हुआ कोई बदलाव 5 नवंबर 2025: देशभर में डीज़ल के दाम पिछले 11 महीनों से स्थिर हैं। मुंबई में आज डीज़ल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर, जबकि दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर दर्ज की गई।1 दिसंबर 2024 से अब तक देश में डीज़ल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। डीज़ल की कीमतें अब रोजाना तय की जाती हैं — यह प्रणाली 15 जून 2017 से लागू है। पहले हर 15 दिन में बदलाव होता था, जिससे अचानक मूल्य परिवर्तन उपभोक्ताओं के लिए बोझ बन जाता था। मुख्य महानगरों

भारत में पेट्रोल के दाम स्थिर, मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर, 11 महीने से नहीं हुआ बदलाव भारत में पेट्रोल के दामों में पिछले 11 महीनों से कोई बदलाव नहीं देखा गया है। 5 नवंबर 2025 को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं। मुंबई में आज पेट्रोल का भाव ₹103.50 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2024 से अब तक अपरिवर्तित है। पेट्रोल की दरें स्थिर रहने के प्रमुख कारण पेट्रोल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, घरेलू कर ढांचे और रुपये-डॉलर के विनिमय दर पर निर्भर करते हैं।

भारत में पेट्रोल के दाम स्थिर, मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर, 11 महीने से नहीं हुआ बदलाव भारत में पेट्रोल के दामों में पिछले 11 महीनों से कोई बदलाव नहीं देखा गया है। 5 नवंबर 2025 को देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं। मुंबई में आज पेट्रोल का भाव ₹103.50 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2024 से अब तक अपरिवर्तित है। पेट्रोल की दरें स्थिर रहने के प्रमुख कारण पेट्रोल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, घरेलू कर ढांचे और रुपये-डॉलर के विनिमय दर पर निर्भर करते हैं।

दिल्ली से देशभर में फैलता प्रदूषण का संकट सर्दियों की शुरुआत के साथ देश के कई शहरों की हवा भारी और जहरीली हो चुकी है। आसमान में धुंध की मोटी परत साफ दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों में गंभीर स्तर तक पहुँच चुकी है। प्रदूषण की बढ़ती परत और सरकार की उदासीनता प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकारों ने योजनाएं बनाई हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर नहीं दिखता। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा कि यह केवल राजनीतिक

दिल्ली से देशभर में फैलता प्रदूषण का संकट सर्दियों की शुरुआत के साथ देश के कई शहरों की हवा भारी और जहरीली हो चुकी है। आसमान में धुंध की मोटी परत साफ दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों में गंभीर स्तर तक पहुँच चुकी है। प्रदूषण की बढ़ती परत और सरकार की उदासीनता प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकारों ने योजनाएं बनाई हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर नहीं दिखता। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा कि यह केवल राजनीतिक