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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे पर विवाद, कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे पर विवाद, कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी
Droupadi Murmu North Bengal Visit: राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी

Droupadi Murmu North Bengal Visit: शिलिगुड़ी में आदिवासी सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदलने और दर्शक दीर्घा में खाली कुर्सियां देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यक्रम के बाद विधाननगर जाकर पहले तय स्थान का निरीक्षण किया और कहा कि वहां ज्यादा लोग आ सकते थे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्वागत के लिए मौजूद न रहने का भी जिक्र किया।

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Asfi Shadab
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शिलिगुड़ी में आदिवासी सम्मेलन के दौरान उठा विवाद

शिलिगुड़ी (पश्चिम बंगाल)। उत्तर बंगाल के शिलिगुड़ी में शनिवार को आयोजित आदिवासी सम्मेलन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नाराज़गी के बाद विवादों में आ गया। अनुष्ठान स्थल बार-बार बदले जाने और दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में खाली कुर्सियाँ देख राष्ट्रपति ने खुलकर आक्षेप जताया।

Droupadi Murmu North Bengal Visit: राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी
Droupadi Murmu North Bengal Visit: राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी

सभास्थल बदलने की कहानी

मूल रूप से यह सम्मेलन शिलिगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। लेकिन प्रशासन ने एक के बाद एक कई बार स्थल बदला। अंततः सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बागडोगरा हवाई अड्डे के निकट गोंसाईपुर में कार्यक्रम की अनुमति दी गई।

राष्ट्रपति ने खुद जाकर देखा बिधाननगर

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू सीधे बिधाननगर पहुँचीं — जहाँ पहले सम्मेलन होना था। स्थल का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा:

“मैं तो यहीं सभा करना चाहती थी। यहाँ पर्याप्त जगह है, बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन यहाँ अनुमति क्यों नहीं दी गई, यह मेरी समझ में नहीं आता।”

Droupadi Murmu North Bengal Visit: राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने और खाली कुर्सियों पर जताई नाराजगी
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ममता का नाम लेकर बोलीं राष्ट्रपति

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए राष्ट्रपति ने कहा:

“वे मेरी छोटी बहन जैसी हैं। लेकिन शायद किसी कारण से वे मुझसे नाराज़ हैं। इसीलिए वे स्वागत के लिए खुद नहीं आईं, यहाँ तक कि कोई मंत्री भी नहीं आया।”

राज्य सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राष्ट्रपति की इस टिप्पणी के बाद केंद्र और राज्य के बीच तनाव और गहराने की आशंका है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।