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मध्य हावड़ा में फरार आरोपी के गुप्त आलीशान ठिकाने का वीडियो वायरल

मध्य हावड़ा में फरार आरोपी के गुप्त आलीशान ठिकाने का वीडियो वायरल
Shamim Ahmed basement luxury flat Howrah viral video: मध्य हावड़ा में फरार आरोपी के गुप्त आलीशान ठिकाने का वीडियो वायरल (Photo: RB / Ekbal)

Shamim Ahmed basement luxury flat Howrah viral video: मध्य हावड़ा में फरार आरोपी शमीम अहमद की तलाश में गई पुलिस को जमीन के नीचे बना एक गुप्त आलीशान ठिकाना मिला। वायरल वीडियो में बेडरूम, रसोईघर और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं दिखाई दीं। शमीम अहमद पर चुनाव बाद हिंसा और हमले के आरोप हैं। मामले को लेकर भाजपा और तृणमूल के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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Asfi Shadab
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पुलिस छापे में सामने आया गुप्त आलीशान ठिकाना

Shamim Ahmed basement luxury flat Howrah viral video: हावड़ा। मध्य हावड़ा विधानसभा क्षेत्र के शिवपुर थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 36 में तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में वर्षों से दबदबा रखने वाला कुख्यात शामीम अहमद उर्फ ‘बड़े’ चुनाव परिणाम के बाद से फरार है। हावड़ा सिटी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जब उसे गिरफ्तार करने पहुंचे, तो उन्हें एक बेसमेंट में बना गुप्त लक्जरी फ्लैट मिला — जिसका वीडियो अब वायरल हो चुका है।

पोस्ट-पोल हिंसा का मास्टरमाइंड

चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद चौड़ा बस्ती इलाके में बमबाजी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। बीजेपी का आरोप है कि ‘बड़े’ की शह पर तृणमूल समर्थित दुष्कर्मियों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हमला किया। मध्य हावड़ा के पूर्व मंत्री अरूप राय के करीबी माने जाने वाले ‘बड़े’ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन मुख्य आरोपी ‘बड़े’ घटना के बाद से ही फरार है।

Shamim Ahmed basement luxury flat Howrah viral video: मध्य हावड़ा में फरार आरोपी के गुप्त आलीशान ठिकाने का वीडियो वायरल
Shamim Ahmed basement luxury flat Howrah viral video: मध्य हावड़ा में फरार आरोपी के गुप्त आलीशान ठिकाने का वीडियो वायरल (Photo: RB / Ekbal)

चुनाव बाद हिंसा मामले में फरार है शमीम अहमद

बेसमेंट में छुपा था लक्जरी ठिकाना

पुलिस अभियान के दौरान जो वीडियो सामने आया, उसमें साफ दिखता है कि ‘बड़े’ ने बेसमेंट में एक पूरी तरह सुसज्जित लक्जरी आवास बना रखा था — जिसमें बेडरूम, ड्रॉइंग रूम, किचन और बाथरूम सब कुछ मौजूद था। इसके अलावा वहां से सीसीटीवी मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था थी। ऊपर से देखने पर यह अंदाजा लगाना असंभव था कि नीचे ऐसा कोई ठिकाना भी है।

एनआईए (NIA) की गिरफ्त में भी आ चुका है ‘बड़े’

उल्लेखनीय है कि इससे पहले रामनवमी शोभायात्रा पर हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने ‘बड़े’ को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, हावड़ा सिटी पुलिस के अधिकारियों ने वायरल वीडियो के बारे में कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है।

‘बड़े’ की तलाश में हावड़ा सिटी पुलिस का अभियान जारी है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।