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West Bengal News: एक दिन में ही टूटा भ्रम – राधानगर के लोग BJP छोड़ तृणमूल में लौटे, झाड़ग्राम में राजनीतिक उलटफेर

West Bengal News: एक दिन में ही टूटा भ्रम – राधानगर के लोग BJP छोड़ तृणमूल में लौटे, झाड़ग्राम में राजनीतिक उलटफेर
Radhanagar residents return to TMC from BJP Jhargram: झाड़ग्राम के राधानगर में BJP में गए लोग 24 घंटे में तृणमूल में लौटे। TMC प्रत्याशी मंगल सोरेन की मौजूदगी में हुई वापसी। (Photo by Reporter एकबाल)

Radhanagar residents return to TMC from BJP Jhargram: राधानगर गांव में कुछ लोगों ने एक दिन पहले भाजपा जॉइन की, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। उन्होंने कहा कि वे भ्रम में आ गए थे। बाद में सही स्थिति समझकर वे फिर तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। इस घटना से इलाके में चर्चा तेज हो गई है और राजनीति में नया मोड़ आया है।

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Asfi Shadab
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राधानगर में एक दिन में बदला फैसला

Radhanagar residents return to TMC from BJP Jhargram: झाड़ग्राम, पश्चिम बंगाल। झाड़ग्राम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राधानगर गाँव में राजनीतिक घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया। जिन लोगों को कल भाजपा में शामिल कराया गया था, वे अगले ही दिन तृणमूल कांग्रेस में वापस लौट आए।

Radhanagarresidents return to TMC from BJP Jhargram: झाड़ग्राम के राधानगर में BJP में गए लोग 24 घंटे में तृणमूल में लौटे। TMC प्रत्याशी मंगल सोरेन की मौजूदगी में हुई वापसी।
Radhanagar residents return to TMC from BJP Jhargram: झाड़ग्राम के राधानगर में BJP में गए लोग 24 घंटे में तृणमूल में लौटे। TMC प्रत्याशी मंगल सोरेन की मौजूदगी में हुई वापसी। (Photo by Reporter एकबाल)

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कल कुछ ग्रामीणों को भ्रमित कर भाजपा में शामिल करवाया गया था। लेकिन यह फैसला एक दिन भी नहीं टिका। आज उन्हीं लोगों ने अपनी गलती महसूस करते हुए झाड़ग्राम से तृणमूल प्रत्याशी मंगल सोरेन के नेतृत्व में पुनः तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

इस दौरान एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता ने भी पार्टी छोड़कर तृणमूल का दामन थाम लिया।

भाजपा छोड़ तृणमूल में लौटे लोग

वापस लौटे कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे भ्रम का शिकार हुए थे। वास्तविकता समझ आने के बाद और मुख्यमंत्री ममता बंदोपाध्याय के विकास कार्यों से प्रेरित होकर उन्होंने तृणमूल में लौटने का निर्णय लिया।

तृणमूल प्रत्याशी मंगल सोरेन ने कहा –

“भाजपा ने लोगों को गुमराह करके अपने दल में शामिल करने की कोशिश की थी। लेकिन लोगों ने सच्चाई समझ ली और हमारे पास वापस आ गए। हम रथ पर नहीं, पथ पर हैं – और जनता हमारे साथ है।”

विधानसभा चुनाव की आहट के बीच झाड़ग्राम में यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर सबकी नज़र रहेगी।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।