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Kolkata: दिलीप घोष का बड़ा बयान – DA, सातवां वेतन आयोग, BSF जमीन और स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ पर बोले

Kolkata: दिलीप घोष का बड़ा बयान – DA, सातवां वेतन आयोग, BSF जमीन और स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ पर बोले

कोलकाता में भाजपा नेता Dilip Ghosh ने DA, सातवें वेतन आयोग, BSF जमीन हस्तांतरण, रेलवे अतिक्रमण और स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ जैसे कई अहम मुद्दों पर बयान दिए। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार जल्द महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले ले सकती है। साथ ही कानून व्यवस्था, VIP सुरक्षा और राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

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Gangesh Kumar
Gangesh Kumar
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कोलकाता: भाजपा नेता Dilip Ghosh ने विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने बकाया महंगाई भत्ता (DA), सातवें वेतन आयोग, BSF के लिए जमीन हस्तांतरण, रेलवे अतिक्रमण हटाने और स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य किए जाने जैसे विषयों पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट में बकाया महंगाई भत्ता और सातवें वेतन आयोग के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। हालांकि आर्थिक दबाव होने के कारण इसमें थोड़ा समय लग सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की तरह बाकी निर्णयों का भी जल्द क्रियान्वयन होगा।

चाकरी में आयु सीमा में छूट संबंधी अधिसूचना जारी होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से काम आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार होने के बाद कार्यों की गति और बढ़ेगी।

BSF के लिए जमीन चयन और माप-जोख शुरू होने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हस्तांतरण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। रेलवे जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मॉडल का पालन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर राज्य पुलिस भी सहयोग करेगी।

राजाबाजार, पार्क सर्कस और आसनसोल का उल्लेख करते हुए उन्होंने धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर प्रशासन को चुनौती देने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के साथ-साथ उन्हें समर्थन देने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलने पर स्थिति नियंत्रित की जा सकती है। कश्मीर और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब “पुरानी संस्कृति” बदल चुकी है।

पूर्व मंत्री Arup Biswas समेत कई VIP की विशेष सुरक्षा हटाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि इससे पुलिस अब अपने नियमित कर्तव्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगी।

सॉल्टलेक स्टेडियम के सामने लगी प्रतिमा और “विश्व बंगला” लोगो का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए प्रतीकों के उपयोग का आरोप लगाया। साथ ही पाठ्यक्रम में सिंगूर और नंदीग्राम को शामिल किए जाने पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने “मेसी कांड” का उल्लेख करते हुए जनता के पैसों का हिसाब देने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य किए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रहित, त्याग और स्वतंत्रता का मंत्र है।


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