Kolkata News: दिलीप घोष ने ममता बनर्जी और तृणमूल पर साधा निशाना, बोले- जनता सब देख रही है
Dilip Ghosh reaction Mamata Banerjee Shaheed Diwas: भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने शहीद दिवस कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं पर लगे आरोप, अभिषेक बनर्जी के बयान और ईडी जांच पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दिलीप घोष ने दावा किया कि जनता अब सब समझ रही है और आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव दिखाई देगा।
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दिलीप घोष के बयान से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
Dilip Ghosh reaction Mamata Banerjee Shaheed Diwas: कोलकाता। भाजपा नेता दिलीप घोष ने शहीद दिवस को लेकर तृणमूल कांग्रेस के दावों पर पलटवार करते हुए कहा है कि कल किसके साथ कौन था, यह सबने देख लिया।
दिलीप घोष ने कहा, “ओनारा शहीद तर्पण को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। इसकी कोई ज़रूरत नहीं थी। उस दिन वे जो राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करती थीं, वह अब बंद हो गया है।”
शहीद दिवस के दिन भाजपा कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोकने और पीटने के तृणमूल के आरोपों को घोष ने पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं मालूम कि भाजपा ने कहीं किसी को रोका या मारा हो। यह सब झूठ बोलकर अपनी कमज़ोरी छिपाने की कोशिश है। हमने शहीद दिवस मनाया, सरकार ने सहयोग किया। लोग नहीं आए तो इसके लिए भाजपा ज़िम्मेदार नहीं। अब तक जो प्रशासनिक ताकत और खाने-पीने के लालच से लोगों को खींच लाया जाता था, उसकी असलियत अब सामने आ रही है।”
अभिषेक बनर्जी के बयान “दिन बदलने में देर नहीं है” पर घोष ने कहा कि दिन बदल चुका है, इसीलिए तृणमूल को यह दिन देखना पड़ा। उन्होंने आगे कहा, “मेरे साथ जो कुछ एक समय किया गया, उसके बदले मैंने कुछ नहीं किया। अगर करता तो सड़क पर घसीटकर, कपड़े उतारकर पीटता। अभी भी कर सकता हूं। लेकिन हमारा एक संस्कार है, नीति और आदर्श है। हम वह नहीं करेंगे।”

शहीद दिवस और तृणमूल के आरोपों पर भाजपा नेता ने दिया जवाब
जंतर मंतर पर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की ममता बनर्जी की इच्छा पर तंज कसते हुए घोष ने कहा, “उन्हें बुलाने वाला कौन है? उनके साथ जाने वाले भी नहीं हैं। जो लोग बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका जैसी अशांति फैलाने की सोच रहे हैं, वे भूल जाएं कि यह भारत है। यहां के लोग सोच-समझकर फैसला लेते हैं। कुछ लोग विदेशी पैसे पर राहुल गांधी और अन्य नेताओं के इशारे पर नाच रहे हैं, जल्द ठंडे पड़ जाएंगे। उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव जैसे बिखरे और खारिज हो चुके नेता हवा पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, पर जनता उनके साथ नहीं है। वहां चोर-डाकू और गाली-गलौज करने वाले नेता उपद्रव मचा रहे हैं। इनकी आदत है छात्रों, महिलाओं, किसानों को आगे रखकर अव्यवस्था फैलाना। देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, कुछ देश इससे खुश नहीं हैं और इन्हें कठपुतली बनाकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।”
तृणमूल नेता मदन मित्रा के परिवार को ईडी के समन पर घोष ने कहा, “अगर उन्होंने कोई गैरकानूनी काम किया है तो उन्हें कानून का सामना करना होगा।” अभिषेक बनर्जी और मदन मित्रा के बीच जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि इसमें 600 करोड़ रुपये की गड़बड़ी जुड़ी है और यह अभी शुरुआत भर है।
आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं, जिन पर नज़र बनी रहेगी।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

