Rashtra Bharat Logo

हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका

हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका (Photo: RB / Ekbal)

Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरी घाट पर इस बार 21 जुलाई के दिन पुरानी भीड़ और तैयारियां नजर नहीं आईं। हर साल तृणमूल कांग्रेस की शहीद सभा के लिए हजारों लोग यहां पहुंचते थे, लेकिन सुबह के समय स्टेशन शांत दिखा। स्वागत मंच, लाउड स्पीकर और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी इस बार दिखाई नहीं दी।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

हावड़ा स्टेशन पर बदला नजर आया 21 जुलाई का माहौल

Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन पर इस बार 21 जुलाई का वह जाना-पहचाना नजारा नदारद है। न कहीं तृणमूल कांग्रेस के झंडे लहरा रहे हैं, न लाउडस्पीकर बज रहे हैं और न ही कोई अभ्यर्थना मंच नजर आ रहा है।

रिपोर्टर एकबाल की मौके पर मौजूदगी में हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट परिसर पूरी तरह खाली नजर आया। हर साल इसी दिन विभिन्न जिलों से हजारों लोग ट्रेन पकड़कर हावड़ा स्टेशन पहुंचते थे और वहां से फेरीघाट होते हुए लॉन्च के जरिए कोलकाता के शहीद समावेश में शामिल होने जाते थे। आने वाले प्रतिनिधियों के लिए फेरीघाट के सामने विशेष मंच बनाया जाता था, उनके स्वागत के साथ-साथ खाने-पीने की भी व्यवस्था की जाती थी।

Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका (Photo: RB / Ekbal)
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका (Photo: RB / Ekbal)

स्वागत मंच और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं दिखी

लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस साल 21 जुलाई की तस्वीर पूरी तरह उलट है। सुबह आठ बजे तक भी किसी जिले की ओर से कोई जुलूस हावड़ा नहीं पहुंचा। हावड़ा जिला कमेटी की ओर से बनाया जाने वाला अभ्यर्थना मंच भी इस बार गायब है। स्टेशन परिसर में न कोई नेता दिखा, न कोई कार्यकर्ता।

आने वाले घंटों में स्थिति में बदलाव आता है या हावड़ा स्टेशन का यह सन्नाटा पूरे दिन बना रहता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका (Photo: RB / Ekbal)
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका
Howrah Station Ferry Ghat 21 July Rally Crowd Missing: हावड़ा स्टेशन और फेरीघाट पर नहीं दिखा 21 जुलाई का पुराना नजारा, खाली नजर आया इलाका (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।