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कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार

कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार
कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार

Girish Park violence Bengal politics: कोलकाता के गिरीश पार्क में हुई हिंसा के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिस पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।

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Dipali Kumari
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Girish Park violence Bengal politics: कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में कल शनिवार को हुई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। इस घटना के बाद अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है और अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सभी लोग भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।

एकतरफा कार्रवाई का आरोप

इधर इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई एकतरफा की जा रही है। उनका कहना है कि घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे, लेकिन गिरफ्तारी सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं की ही क्यों की जा रही है। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या आगे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों की भी गिरफ्तारी होगी या नहीं।

मालूम हो गिरीश पार्क की घटना दोपहर में हुई थी और बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के लोग इसमें घायल हुए। हालांकि देर रात तक भाजपा की ओर से औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई, जबकि पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। अब यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

TMC की महिला जनप्रतिनिधि पर हमले का आरोप

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता फिरहाद हकीम ने इस मामले में कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की एक महिला जनप्रतिनिधि पर हमला किया गया है और इस मामले में दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि हमलावरों को पकड़कर कान पकड़कर जेल भेजा जाएगा और किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को इस बारे में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।

कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार
कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार

हालांकि विपक्ष इस बयान को लेकर भी सवाल उठा रहा है। उनका आरोप है कि क्या पुलिस जांच स्वतंत्र रूप से हो रही है या फिर सत्ताधारी नेताओं के निर्देशों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

भाजपा नेता दिलीप घोष लड़ सकते हैं चुनाव

इस पूरे विवाद के बीच भाजपा नेता दिलीप घोष को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच से उनसे बातचीत की थी, जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी में उनका महत्व फिर से बढ़ सकता है और वह खड़गपुर से चुनाव लड़ सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज

दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी चुनावी तैयारी तेज होती नजर आ रही है। खबर है कि फिरहाद हाकिम रविवार से चेटला अग्रणी इलाके से प्रचार अभियान शुरू करने जा रहे हैं, जबकि अभी तक आधिकारिक उम्मीदवारों की सूची भी जारी नहीं हुई है।

चेतला इलाके में अपने वार्ड में मेयर फिरहाद हकीम ने घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बार ममता बनर्जी को बड़ी जीत दिलानी होगी और उनके हाथ मजबूत करने होंगे, ताकि वह भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ाई जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी आम लोगों के मुद्दों और एसआईआर जैसे मामलों पर संघर्ष कर रही हैं, उसे देखते हुए 2026 के चुनाव में उन्हें भारी मतों से जीत दिलाना जरूरी है, तभी असली मायने में जनता की जीत होगी।

Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।