कोलकाता में पयला बैशाख पर जुलूस को लेकर विवाद, बंगाल पक्ष का बड़ा मार्च

Kolkata Poila Baisakh rally Bangla Pokkho: कोलकाता में पयला बैशाख के अवसर पर बांग्ला पक्ष द्वारा निकाले गए जुलूस को लेकर विवाद सामने आया। संगठन ने अनुमति रद्द करने पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने नियमों का हवाला दिया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बंगाली भाषा, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
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कोलकाता में पयला बैशाख पर जुलूस और अनुमति विवाद
Kolkata Poila Baisakh rally Bangla Pokkho: कोलकाता में पॉयला बैशाख के अवसर पर चुनाव आयोग के प्रतिबंध को नजरअंदाज करते हुए बंगला पक्ष ने रासबिहारी मोड़ से गड़ियाहाट मोड़ तक एक बड़ा मार्च निकाला। यह मार्च बांग्ला भाषा, संस्कृति, खान-पान और मतदान अधिकार की रक्षा के मुद्दे पर आयोजित किया गया।
मौके पर मौजूद संवाददाता के अनुसार, मार्च में ढाक और रण पा के साथ पारंपरिक अंदाज में लोगों की भागीदारी देखी गई। संगठन का आरोप है कि नियमों का पालन करते हुए आवेदन करने के बावजूद पहले उत्तर कोलकाता और फिर दक्षिण कोलकाता में नववर्ष मार्च की अनुमति रद्द कर दी गई।
मार्च के दौरान बांग्ला पहचान से जुड़े विभिन्न संदेश दिए गए। इसमें प्रसिद्ध बांग्ला उद्योगपतियों, बुद्धिजीवियों और एसआईआर (SIR) में मृत बांग्ला नागरिकों बीएलओ (BLO) की तस्वीरें भी शामिल थीं। रैली में “बांग्ला के अधिकार छीनने पर विरोध होगा” जैसे संदेश प्रमुख रहे।
पॉयला बैशाख को व्यापार के लिए महत्वपूर्ण दिन बताते हुए रैली से बांग्ला दुकानों से खरीदारी करने और बांग्ला व्यापारियों को मजबूत करने का आह्वान भी किया गया।


बंगाली संस्कृति और अधिकारों को लेकर उठे सवाल
इस मार्च का नेतृत्व संगठन के सामान्य सचिव प्रोफेसर गर्ग चट्टोपाध्याय ने किया। साथ में संगठनात्मक सचिव कौशिक माइती, शीर्ष परिषद सदस्य अरिंदम चट्टोपाध्याय, मोहम्मद शाहीन और जिला स्तर के नेता सौम्य बेरा, कौशिक चट्टोपाध्याय व कुशनाभ मंडल मौजूद रहे।
प्रोफेसर गर्ग चट्टोपाध्याय ने कहा, “বাংলায় হাজার বছরের বেশি সময় ধরে পয়লা বৈশাখ উদযাপন হচ্ছে। এখন জ্ঞানেশ কুমার ও বিজেপি বাঙালি নববর্ষের মিছিলে নিষেধাজ্ঞা দিচ্ছে। বাঙালি এই নিষেধাজ্ঞা মানে না। বাঙালি আজ মিছিলে হাঁটলো। বাঙালি হিসাবে গর্ব করে হাঁটলো, বাঙালি হিসাবে ঐক্যবদ্ধ হওয়ার শপথ নিল। বাঙালির শত্রুদের বিরুদ্ধে রুখে দাঁড়ানোর মন্ত্র নিয়ে এই মিছিল হল।”
वहीं कौशिक माइती ने कहा, “আজ বাঙালির রক্তে স্বাধীন ভারতে বাঙালির ভাষা, সংস্কৃতি, খাদ্যাভাস, ইতিহাস, ভোটাধিকার আক্রান্ত। পূর্ব পাকিস্তানে বাঙালির শত্রুরা পয়লা বৈশাখকে ভয় পেত৷ এখানে ভারতে বিজেপি ও জ্ঞানেশ কুমাররা পয়লা বৈশাখের বিরোধী। বাঙালির উপর আক্রমণ এসেছে, বাঙালি তার ভাষার অস্ত্রে এবং পয়লা বৈশাখের অস্ত্রে বাঙালির শত্রুদের পরাস্ত করবে।”
अंत में बंगला पक्ष ने सभी को पॉयला बैशाख की शुभकामनाएं दीं और बांग्ला समाज के कल्याण की कामना की। आगे इस मुद्दे पर संगठन के अगले कदम पर नजर रहेगी।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

