Kolkata News: लंबे संघर्ष के बाद 76 वर्षीय जाजेंदर सिंह को मिली अपनी जमीन वापस

Jajender Singh Land Back Case Behala: बेहाला के 76 वर्षीय जाजेंदर सिंह को वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद अपनी जमीन वापस मिली। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर कब्जा किया गया था। अदालत के फैसले के बाद भी उन्हें जमीन नहीं मिल सकी थी। पुलिस की मौजूदगी में जमीन कब्जामुक्त होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
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लंबे संघर्ष के बाद जाजेंदर सिंह को मिली अपनी जमीन वापस
Jajender Singh Land Back Case Behala: कोलकाता के बेहाला इलाके में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 76 वर्षीय जाजेन्दर सिंह को आखिरकार अपनी जमीन वापस मिल गई है। यह जमीन बेहाला वार्ड नंबर 116 के पीएन मित्र ब्रिक फील्ड रोड पर स्थित है। जमीन मालिक पक्ष के मुताबिक, बेहाला थाने की पुलिस की मौजूदगी में इस जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।
आरोप है कि कोलकाता नगर निगम के पूर्व एमआईसी और बेहाला वार्ड 118 के पूर्व पार्षद तारक सिंह ने यह जमीन दखल कर रखी थी।
जानकारी के अनुसार, जाजेन्दर सिंह ने यह जमीन 1990 में एक व्यक्ति से खरीदी थी। इसके बाद जमीन की मालिकाना हक को लेकर एक अन्य व्यक्ति के साथ उनका कानूनी विवाद शुरू हो गया। कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद 2017 में जाजेन्दर सिंह इस मुकदमे में जीत गए। आरोप है कि अदालत का फैसला उनके पक्ष में आते ही तारक सिंह ने वह जमीन दखल कर ली और चारों तरफ पांचिल (दीवार) खड़ी कर दी।




1990 में खरीदी जमीन को लेकर शुरू हुआ था विवाद
जाजेन्दर सिंह का आरोप है कि 2017 से अब तक बार-बार कोशिश करने के बावजूद वे अपनी जमीन खाली नहीं करा पाए। उन्होंने बताया कि जमीन वापस पाने के लिए उन्होंने नबान्न में मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी और तत्कालीन मेयर फिरहाद हकीम से भी गुहार लगाई थी, लेकिन तारक सिंह के प्रभावशाली होने के कारण उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
जाजेन्दर सिंह की बेटी का कहना है कि अपने नाम पर जमीन होने के बावजूद उनके पिता वर्षों तक वहां नहीं जा सके और न ही अपना घर बना सके। इस वजह से बुजुर्ग माता-पिता को मजबूरन लंबे समय तक बेटी के घर रहना पड़ा।
राज्य में सरकार बदलने के बाद बेहाला थाने की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यह जमीन आज दखलमुक्त कराई गई। जमीन में प्रवेश कर जाजेन्दर सिंह ने वहां ताला लगा दिया। वर्षों बाद अपनी जमीन वापस पाकर उन्होंने और उनके परिवार ने राहत जताई है।
अब देखना यह है कि इस मामले में तारक सिंह की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।



रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

