Rashtra Bharat Logo

मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा

मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)

Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा के हरिश्चंद्रपुर में मेराज हुसैन ने आरोप लगाया है कि उनके जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति को आवास योजना का लाभ दिया गया। उन्होंने ब्लॉक और थाने में लिखित शिकायत की है। लाभ पाने वाली महिला ने 30 हजार रुपये देने का दावा किया, जबकि आरोपी पूर्व पंचायत सदस्य ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर दूसरे को आवास देने का आरोप

Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा जिले में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल की एक और आवास योजना दुर्नीति सामने आई है। आरोप है कि एक व्यक्ति के जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर उसके हिस्से का आवास योजना का पैसा कमीशन लेकर दूसरे व्यक्ति को दिलाया गया।

मालदा के हरिश्चंद्रपुर 1 नंबर ब्लॉक के भबानीपुर इलाके के निवासी मेराज हुसैन ने यह शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, वर्ष 2019 में वे 100 दिन के काम की योजना के तहत मजदूरी करते थे और उनके पास जॉब कार्ड था। उसी दौरान काम का पैसा दिलाने के बहाने तत्कालीन तृणमूल पंचायत सदस्या दीप्ति कर्मकार तथा सुपरवाइजर सरबार आलम व सुकोमल कर्मकार ने उनसे जॉब कार्ड ले लिया।

मेराज हुसैन का नाम आवास योजना की सूची में भी शामिल था। आरोप है कि उन्हीं के जॉब कार्ड का इस्तेमाल कर, उनकी जानकारी के बिना, घर की राशि स्थानीय निवासी आयना खातून को दिला दी गई  जबकि आयना खातून के पास पहले से पक्का मकान मौजूद है, वहीं मेराज हुसैन आज भी कच्चे मकान में रहते हैं।

Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)

30 हजार रुपये देने का दावा, पूर्व पंचायत सदस्य ने आरोप नकारे

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मेराज हुसैन को इस पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद वे अपने हक की आवास राशि की मांग को लेकर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय और हरिश्चंद्रपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उक्त पंचायत सदस्या और तत्कालीन दोनों सुपरवाइजरों को इसके लिए जिम्मेदार बताया गया है।

वहीं दूसरी ओर, घर पाने वाली आयना खातून ने स्वीकार किया है कि पंचायत सदस्या और सुपरवाइजर ने 30 हजार रुपये लेकर दूसरे के जॉब कार्ड के जरिए उन्हें घर दिलाया था। हालांकि आरोपी पंचायत सदस्या ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

मामला सामने आते ही भाजपा ने तृणमूल पर हमला बोलते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि तृणमूल की ओर से सफाई पेश की गई है। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तकरार तेज हो गई है।

आगे प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है, इस पर सबकी नजर टिकी है।

Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा
Malda Awas Yojana Job Card Fraud: मालदा में आवास योजना पर बड़ा आरोप, जॉब कार्ड किसी का और घर मिला दूसरे को, 30 हजार रुपये लेने का दावा (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।