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आसनसोल में बढ़ा राजनीतिक तनाव, कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़

आसनसोल में बढ़ा राजनीतिक तनाव, कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)

Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कई तृणमूल कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इलाके में अभी भी डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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Asfi Shadab
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आसनसोल में चुनाव बाद बढ़ा तनाव

Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल (पश्चिम बर्धमान), पश्चिम बंगाल। चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात आसनसोल कोर्ट मोड़ स्थित तृणमूल कांग्रेस टीएमसी (TMC) के एक दलीय कार्यालय में आग लगा दी गई, जिससे पड़ोस की एक केक की दुकान भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग कैसे लगी।

इसके अलावा रूपनारायणपुर टोल प्लाजा, कुमारपुर, कुलटी, रानीगंज, जामुरिया, बराबनी और बर्नपुर में भी टीएमसी (TMC) के कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। कुछ कार्यालयों को भगवा रंग से पोत देने की भी सूचना है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन घटनाओं के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अनेक आरोपी जल्द ही रिहा हो गए। इससे टीएमसी (TMC) कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भय का माहौल है — कई लोग घर से निकलने में भी डर रहे हैं।

Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)

कई इलाकों में पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी

बीजेपी (BJP) ने इन घटनाओं में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। नवनिर्वाचित बीजेपी (BJP) विधायकों का कहना है कि उनके कार्यकर्ता ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं हैं और कुछ असामाजिक तत्व बीजेपी (BJP) का नाम लेकर अशांति फैला रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल उत्तर के नवनिर्वाचित बीजेपी (BJP) विधायक एवं राज्य नेता कृष्णेन्दु मुखोपाध्याय घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर जल्द से जल्द सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार कहा था — “भरोसा इन, डर आउट।” लेकिन जमीनी हकीकत में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

अब देखना यह होगा कि पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर कार्रवाई करती है या नहीं, और क्या चुनाव बाद की यह हिंसा आने वाले दिनों में थमती है।

Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
Asansol post poll violence TMC office: आसनसोल में कई तृणमूल कार्यालयों में आग और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव (Photo: RB / Ekbal)


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।