फर्जी मेडिकल डिग्री के सहारे सरकारी नौकरी, दक्षिण 24 परगना में दो डॉक्टर बर्खास्त

दक्षिण 24 परगना में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन के आधार पर नौकरी करने वाले दो सरकारी डॉक्टर बर्खास्त किए गए। जांच में बिहार की डिग्री और रजिस्ट्रेशन फर्जी मिले।
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नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे, जांच पूरी होते ही गई नौकरी
दक्षिण 24 परगना में फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे दो डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। दक्षिण 24 परगना जिले में यह अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है। युनुस हसन और उत्तम माइती नाम के दोनों फर्जी डॉक्टर राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के दो अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत थे। ये दोनों खुद को बिहार के किसी कॉलेज से पास हुआ बताते थे। इन्होंने बिहार मेडिकल काउंसिल का फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यहां के राज्य मेडिकल काउंसिल में जमा करके पंजीकरण हासिल किया था।
फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ खुलासा
राज्य में कुछ हफ़्तों पहले फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान इन दोनों की संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने पूरी सत्यता की जांच करने के लिए इनके प्रमाण पत्र बिहार मेडिकल काउंसिल के पास सत्यापन हेतु भेजे। वहां से स्पष्ट जवाब आया कि इस नाम का कोई भी छात्र उनके यहाँ से पास नहीं हुआ था।
कागजात लेकर तलब किए जाने पर भागे आरोपी
बिहार से रिपोर्ट मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने दोनों आरोपितों को अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी यानी सीएमओएच के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का सख्त आदेश दिया था। हालाँकि दोनों में से कोई भी अपने कागजात लेकर सामने नहीं आया और वे फरार हो गए। जांच में फर्जीवाड़ा पूरी तरह से साबित हो जाने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने दोनों आरोपियों की सेवा समाप्त करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट से औपचारिक अनुमति मांगी। प्रशासन से हरी झंडी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों डॉक्टरों के खिलाफ बर्खास्तगी का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग अब अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की भी नए सिरे से जांच कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

