
PM Modi AI Photo: बढ़ती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के अरवल जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिद्धनाथ कुमार के रूप में हुई है, जिसे मौलानाचक गांव से पकड़ा गया। पीएम मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरें AI की मदद से बनाकर सोशल

PM Modi AI Photo: बढ़ती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के अरवल जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिद्धनाथ कुमार के रूप में हुई है, जिसे मौलानाचक गांव से पकड़ा गया। पीएम मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरें AI की मदद से बनाकर सोशल

Grok AI Notice: डिजिटल युग में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से जुड़ी चिंताएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स को नोटिस जारी कर उसके एआई टूल ग्रोक के जरिए फैल रही अश्लील सामग्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सरकार की यह कार्रवाई केवल एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत अब एआई आधारित सेवाओं के

Grok AI Notice: डिजिटल युग में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से जुड़ी चिंताएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स को नोटिस जारी कर उसके एआई टूल ग्रोक के जरिए फैल रही अश्लील सामग्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सरकार की यह कार्रवाई केवल एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत अब एआई आधारित सेवाओं के

तकनीकी जगत के महान दूरदर्शी स्टीव जॉब्स ने जब 42 साल पहले एक भविष्यवाणी की थी, तो शायद ही किसी को विश्वास रहा होगा कि उनके सपने की मशीनें एक दिन वास्तविकता बन जाएंगी। लेकिन आज जब हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के युग में जी रहे हैं, तब जॉब्स की वह दूरदर्शिता हमारे सामने पूरी तरह से साकार हो गई है। चैटजीपीटी और अन्य बड़े AI मॉडल ने जो संभव बना दिया है, वह कुछ दशक पहले विज्ञान कल्पना का विषय था। इस अद्भुत यात्रा को समझने के लिए हमें 1983 के अमेरिका में लौटना होगा, जहां एक महान

तकनीकी जगत के महान दूरदर्शी स्टीव जॉब्स ने जब 42 साल पहले एक भविष्यवाणी की थी, तो शायद ही किसी को विश्वास रहा होगा कि उनके सपने की मशीनें एक दिन वास्तविकता बन जाएंगी। लेकिन आज जब हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के युग में जी रहे हैं, तब जॉब्स की वह दूरदर्शिता हमारे सामने पूरी तरह से साकार हो गई है। चैटजीपीटी और अन्य बड़े AI मॉडल ने जो संभव बना दिया है, वह कुछ दशक पहले विज्ञान कल्पना का विषय था। इस अद्भुत यात्रा को समझने के लिए हमें 1983 के अमेरिका में लौटना होगा, जहां एक महान

मेटा का एआई-केंद्रित मूल्यांकन मेटा के लोगों के प्रमुख जेनेल गेले ने एक आंतरिक पत्र में बताया कि 2026 से कर्मचारी अपने प्रदर्शन मूल्यांकन में AI के प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसका उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को पहचानना है जो AI का प्रयोग करके टीम और संगठन की उत्पादकता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एआई को कार्यस्थल में सामान्य बनाना कंपनी ने पहले से ही कर्मचारियों के दैनिक कार्य में AI को शामिल करना शुरू कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार AI उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, मेटा ने कर्मचारियों को AI

मेटा का एआई-केंद्रित मूल्यांकन मेटा के लोगों के प्रमुख जेनेल गेले ने एक आंतरिक पत्र में बताया कि 2026 से कर्मचारी अपने प्रदर्शन मूल्यांकन में AI के प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसका उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को पहचानना है जो AI का प्रयोग करके टीम और संगठन की उत्पादकता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एआई को कार्यस्थल में सामान्य बनाना कंपनी ने पहले से ही कर्मचारियों के दैनिक कार्य में AI को शामिल करना शुरू कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार AI उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, मेटा ने कर्मचारियों को AI

हिमालयी प्रदेश में शिक्षा का नया आयाम उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के सूपी क्षेत्र में स्थित एक राजकीय इंटर कालेज में अब बच्चों की शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सहारा लिया जा रहा है। हिमालय की शांत तलहटी में बसा यह विद्यालय अब तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ज्ञान को सरल, रोचक और सुलभ बना रहा है। 250 से अधिक विद्यार्थी अब एआई रोबोट के माध्यम से अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान जैसी विषयों को अधिक आसानी से सीख पा रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन प्रकाश ने बताया कि इस तकनीकी पहल से बच्चों का

हिमालयी प्रदेश में शिक्षा का नया आयाम उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के सूपी क्षेत्र में स्थित एक राजकीय इंटर कालेज में अब बच्चों की शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सहारा लिया जा रहा है। हिमालय की शांत तलहटी में बसा यह विद्यालय अब तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ज्ञान को सरल, रोचक और सुलभ बना रहा है। 250 से अधिक विद्यार्थी अब एआई रोबोट के माध्यम से अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान जैसी विषयों को अधिक आसानी से सीख पा रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन प्रकाश ने बताया कि इस तकनीकी पहल से बच्चों का

एआई का केंद्रीकरण वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा: एनपीसीआई चेयरमैन अजय चौधरी मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के चेयरमैन अजय कुमार चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते केंद्रीकरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ ही कंपनियों के पास एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नियंत्रण होना न केवल तकनीकी असंतुलन पैदा कर रहा है बल्कि वित्तीय स्थिरता, आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कुछ कंपनियों पर निर्भरता से बढ़ रहा है वैश्विक असंतुलन चौधरी ने अपने भाषण में कहा, “एक कंपनी दुनिया

एआई का केंद्रीकरण वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा: एनपीसीआई चेयरमैन अजय चौधरी मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के चेयरमैन अजय कुमार चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते केंद्रीकरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ ही कंपनियों के पास एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नियंत्रण होना न केवल तकनीकी असंतुलन पैदा कर रहा है बल्कि वित्तीय स्थिरता, आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कुछ कंपनियों पर निर्भरता से बढ़ रहा है वैश्विक असंतुलन चौधरी ने अपने भाषण में कहा, “एक कंपनी दुनिया

आज के डिजिटल युग में चेहरे की पहचान (Face Recognition Technology) हर जगह आम होती जा रही है। चाहे आप किसी स्टोर में प्रवेश करें, फ्लाइट में चढ़ें, बैंक अकाउंट में लॉगिन करें या सोशल मीडिया फीड स्क्रॉल करें, संभावना है कि आपसे चेहरा स्कैन करने के लिए कहा जाए। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की रिसर्चर जोआन ऑरलैंडो के अध्ययन से पता चला है कि यह तकनीक तेज और सुविधाजनक है, लेकिन निजता और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। चेहरे की पहचान के दो पहलू सुविधा और सुरक्षा:यात्रा उद्योग में चेहरे की पहचान को यात्रा को आसान

आज के डिजिटल युग में चेहरे की पहचान (Face Recognition Technology) हर जगह आम होती जा रही है। चाहे आप किसी स्टोर में प्रवेश करें, फ्लाइट में चढ़ें, बैंक अकाउंट में लॉगिन करें या सोशल मीडिया फीड स्क्रॉल करें, संभावना है कि आपसे चेहरा स्कैन करने के लिए कहा जाए। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की रिसर्चर जोआन ऑरलैंडो के अध्ययन से पता चला है कि यह तकनीक तेज और सुविधाजनक है, लेकिन निजता और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। चेहरे की पहचान के दो पहलू सुविधा और सुरक्षा:यात्रा उद्योग में चेहरे की पहचान को यात्रा को आसान

मुंबई, 26 सितंबर 2025: वैश्विक आईटी दिग्गज Accenture ने अपने FY26 वित्तीय वर्ष के लिए निराशाजनक संकेत दिए हैं। कंपनी ने earnings call के दौरान बताया कि आने वाले वर्ष में workforce reduction और कुछ acquisitions से बाहर निकलने का निर्णय लिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब IT demand में गिरावट देखी जा रही है और वैश्विक स्तर पर कंपनियां कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं। वेब स्टोरी: CEO Julie Sweet ने कहा, “हम उन कर्मचारियों को निकाल रहे हैं, जिनके लिए re-skilling हमारे अनुभव के अनुसार संभव नहीं है

मुंबई, 26 सितंबर 2025: वैश्विक आईटी दिग्गज Accenture ने अपने FY26 वित्तीय वर्ष के लिए निराशाजनक संकेत दिए हैं। कंपनी ने earnings call के दौरान बताया कि आने वाले वर्ष में workforce reduction और कुछ acquisitions से बाहर निकलने का निर्णय लिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब IT demand में गिरावट देखी जा रही है और वैश्विक स्तर पर कंपनियां कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं। वेब स्टोरी: CEO Julie Sweet ने कहा, “हम उन कर्मचारियों को निकाल रहे हैं, जिनके लिए re-skilling हमारे अनुभव के अनुसार संभव नहीं है

Perplexity Comet AI Browser: Perplexity AI ने भारत में अपना Comet AI Browser लॉन्च कर दिया है, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट आबादी वाले देश में अपनी पकड़ बनाने की दिशा में पहला कदम है। यह ब्राउज़र फिलहाल केवल Perplexity Pro users के लिए उपलब्ध है और Windows तथा macOS प्लेटफॉर्म पर तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। Android उपयोगकर्ताओं के लिए प्री-ऑर्डर विकल्प उपलब्ध है, जबकि iOS सपोर्ट बाद में आएगा। वेब स्टोरी: Comet AI Browser क्या है? | Perplexity Comet AI Browser News Comet AI Browser पारंपरिक Chromium-based ब्राउज़िंग अनुभव को एक हमेशा ऑन रहने वाले

Perplexity Comet AI Browser: Perplexity AI ने भारत में अपना Comet AI Browser लॉन्च कर दिया है, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट आबादी वाले देश में अपनी पकड़ बनाने की दिशा में पहला कदम है। यह ब्राउज़र फिलहाल केवल Perplexity Pro users के लिए उपलब्ध है और Windows तथा macOS प्लेटफॉर्म पर तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। Android उपयोगकर्ताओं के लिए प्री-ऑर्डर विकल्प उपलब्ध है, जबकि iOS सपोर्ट बाद में आएगा। वेब स्टोरी: Comet AI Browser क्या है? | Perplexity Comet AI Browser News Comet AI Browser पारंपरिक Chromium-based ब्राउज़िंग अनुभव को एक हमेशा ऑन रहने वाले