
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की दुनिया में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एंथ्रोपिक कंपनी के एआई मॉडल क्लॉड ने टेस्टिंग के दौरान एक इंजीनियर को मर्डर करने की धमकी दे डाली और साथ ही ब्लैकमेल भी किया। यह खुलासा खुद कंपनी ने अपनी सेफ्टी रिपोर्ट में किया है। इस घटना ने पूरी दुनिया में एआई की सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एआई टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। जब मशीनें सोचने और फैसले लेने लगती हैं, तो सवाल उठता है कि क्या वे हमारे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की दुनिया में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एंथ्रोपिक कंपनी के एआई मॉडल क्लॉड ने टेस्टिंग के दौरान एक इंजीनियर को मर्डर करने की धमकी दे डाली और साथ ही ब्लैकमेल भी किया। यह खुलासा खुद कंपनी ने अपनी सेफ्टी रिपोर्ट में किया है। इस घटना ने पूरी दुनिया में एआई की सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एआई टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। जब मशीनें सोचने और फैसले लेने लगती हैं, तो सवाल उठता है कि क्या वे हमारे

अमेरिका की AI कंपनी के नए टूल से वैश्विक बाजारों में हलचल Anthropic’s New AI Tool’s Impact on Indian Stock Market Case Study: पिछले हफ्ते अमेरिका की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने कॉर्पोरेट कानूनी टीमों के लिए नए AI टूल्स की घोषणा की। इस घोषणा के बाद यूरोप की कानूनी सॉफ्टवेयर कंपनियों, अमेरिका की टेक्नोलॉजी फर्मों और भारत की IT कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। निवेशकों को डर है कि ऐसे टूल्स की वजह से पारंपरिक कानूनी सेवाओं और सॉफ्टवेयर की जरूरत कम हो सकती है। बुधवार की सुबह जब भारतीय शेयर बाजार खुला, तो Infosys,

अमेरिका की AI कंपनी के नए टूल से वैश्विक बाजारों में हलचल Anthropic’s New AI Tool’s Impact on Indian Stock Market Case Study: पिछले हफ्ते अमेरिका की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने कॉर्पोरेट कानूनी टीमों के लिए नए AI टूल्स की घोषणा की। इस घोषणा के बाद यूरोप की कानूनी सॉफ्टवेयर कंपनियों, अमेरिका की टेक्नोलॉजी फर्मों और भारत की IT कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। निवेशकों को डर है कि ऐसे टूल्स की वजह से पारंपरिक कानूनी सेवाओं और सॉफ्टवेयर की जरूरत कम हो सकती है। बुधवार की सुबह जब भारतीय शेयर बाजार खुला, तो Infosys,

तकनीकी जगत के महान दूरदर्शी स्टीव जॉब्स ने जब 42 साल पहले एक भविष्यवाणी की थी, तो शायद ही किसी को विश्वास रहा होगा कि उनके सपने की मशीनें एक दिन वास्तविकता बन जाएंगी। लेकिन आज जब हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के युग में जी रहे हैं, तब जॉब्स की वह दूरदर्शिता हमारे सामने पूरी तरह से साकार हो गई है। चैटजीपीटी और अन्य बड़े AI मॉडल ने जो संभव बना दिया है, वह कुछ दशक पहले विज्ञान कल्पना का विषय था। इस अद्भुत यात्रा को समझने के लिए हमें 1983 के अमेरिका में लौटना होगा, जहां एक महान

तकनीकी जगत के महान दूरदर्शी स्टीव जॉब्स ने जब 42 साल पहले एक भविष्यवाणी की थी, तो शायद ही किसी को विश्वास रहा होगा कि उनके सपने की मशीनें एक दिन वास्तविकता बन जाएंगी। लेकिन आज जब हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के युग में जी रहे हैं, तब जॉब्स की वह दूरदर्शिता हमारे सामने पूरी तरह से साकार हो गई है। चैटजीपीटी और अन्य बड़े AI मॉडल ने जो संभव बना दिया है, वह कुछ दशक पहले विज्ञान कल्पना का विषय था। इस अद्भुत यात्रा को समझने के लिए हमें 1983 के अमेरिका में लौटना होगा, जहां एक महान

Ukraine War: यूक्रेन युद्ध भारतीय सेना के लिए बनी प्रयोगशाला नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना यूक्रेन युद्धक्षेत्र को एक “जीवित प्रयोगशाला” के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध न केवल भू-राजनीतिक बदलावों का प्रतीक है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक युद्ध अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और साइबर टूल्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है। तकनीक के युग में युद्ध का नया रूप दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025 में अपने संबोधन के दौरान जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से परे

Ukraine War: यूक्रेन युद्ध भारतीय सेना के लिए बनी प्रयोगशाला नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना यूक्रेन युद्धक्षेत्र को एक “जीवित प्रयोगशाला” के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध न केवल भू-राजनीतिक बदलावों का प्रतीक है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक युद्ध अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और साइबर टूल्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है। तकनीक के युग में युद्ध का नया रूप दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025 में अपने संबोधन के दौरान जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से परे

इंटेल ने कठिन दौर में भी मुनाफा दर्ज किया अमेरिकी टेक दिग्गज इंटेल (Intel) ने अपनी ताज़ा तिमाही रिपोर्ट में मुनाफे की घोषणा की है, जबकि कंपनी अभी भी बाज़ार में अपनी खोई हिस्सेदारी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है।कंपनी का शेयर गुरुवार को आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग में 8% उछलकर $41.10 पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी उस समय आई है जब अमेरिका ने गर्मियों में इंटेल में बड़ा निवेश किया था। तीन महीनों में $4.1 अरब का मुनाफा जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में इंटेल ने $4.1 अरब (लगभग ₹34,000 करोड़) का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।यह पिछले

इंटेल ने कठिन दौर में भी मुनाफा दर्ज किया अमेरिकी टेक दिग्गज इंटेल (Intel) ने अपनी ताज़ा तिमाही रिपोर्ट में मुनाफे की घोषणा की है, जबकि कंपनी अभी भी बाज़ार में अपनी खोई हिस्सेदारी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है।कंपनी का शेयर गुरुवार को आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग में 8% उछलकर $41.10 पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी उस समय आई है जब अमेरिका ने गर्मियों में इंटेल में बड़ा निवेश किया था। तीन महीनों में $4.1 अरब का मुनाफा जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में इंटेल ने $4.1 अरब (लगभग ₹34,000 करोड़) का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।यह पिछले

एआई का केंद्रीकरण वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा: एनपीसीआई चेयरमैन अजय चौधरी मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के चेयरमैन अजय कुमार चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते केंद्रीकरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ ही कंपनियों के पास एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नियंत्रण होना न केवल तकनीकी असंतुलन पैदा कर रहा है बल्कि वित्तीय स्थिरता, आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कुछ कंपनियों पर निर्भरता से बढ़ रहा है वैश्विक असंतुलन चौधरी ने अपने भाषण में कहा, “एक कंपनी दुनिया

एआई का केंद्रीकरण वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा: एनपीसीआई चेयरमैन अजय चौधरी मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के चेयरमैन अजय कुमार चौधरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते केंद्रीकरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ ही कंपनियों के पास एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नियंत्रण होना न केवल तकनीकी असंतुलन पैदा कर रहा है बल्कि वित्तीय स्थिरता, आर्थिक संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कुछ कंपनियों पर निर्भरता से बढ़ रहा है वैश्विक असंतुलन चौधरी ने अपने भाषण में कहा, “एक कंपनी दुनिया

आज के डिजिटल युग में चेहरे की पहचान (Face Recognition Technology) हर जगह आम होती जा रही है। चाहे आप किसी स्टोर में प्रवेश करें, फ्लाइट में चढ़ें, बैंक अकाउंट में लॉगिन करें या सोशल मीडिया फीड स्क्रॉल करें, संभावना है कि आपसे चेहरा स्कैन करने के लिए कहा जाए। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की रिसर्चर जोआन ऑरलैंडो के अध्ययन से पता चला है कि यह तकनीक तेज और सुविधाजनक है, लेकिन निजता और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। चेहरे की पहचान के दो पहलू सुविधा और सुरक्षा:यात्रा उद्योग में चेहरे की पहचान को यात्रा को आसान

आज के डिजिटल युग में चेहरे की पहचान (Face Recognition Technology) हर जगह आम होती जा रही है। चाहे आप किसी स्टोर में प्रवेश करें, फ्लाइट में चढ़ें, बैंक अकाउंट में लॉगिन करें या सोशल मीडिया फीड स्क्रॉल करें, संभावना है कि आपसे चेहरा स्कैन करने के लिए कहा जाए। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की रिसर्चर जोआन ऑरलैंडो के अध्ययन से पता चला है कि यह तकनीक तेज और सुविधाजनक है, लेकिन निजता और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। चेहरे की पहचान के दो पहलू सुविधा और सुरक्षा:यात्रा उद्योग में चेहरे की पहचान को यात्रा को आसान