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Cough Syrup

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप, सरकार ने सख्त किए नियम

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप, सरकार ने सख्त किए नियम

Cough Syrup Rules Changed: देश में दवाओं की बिक्री और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नई अधिसूचना जारी कर कफ सिरप समेत सभी प्रकार की सिरप दवाओं की बिक्री के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति मेडिकल स्टोर से डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना सिरप नहीं खरीद सकेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने और आम लोगों, खासकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया

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Ayurvedic Cough Syrup Death – छिंदवाड़ा में आयुर्वेदिक खांसी की दवा से शिशु की मौत, प्रशासन सतर्क

Cough Syrup Death: छिंदवाड़ा में फिर एक मासूम की मौत: आयुर्वेदिक खांसी की दवा पर उठा सवाल

फिर गूंजी दर्दनाक खबर – एक और मासूम की जान गई मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक और दुखद खबर सामने आई है, जहां एक पांच महीने की बच्ची की मौत आयुर्वेदिक खांसी की दवा और पाउडर के सेवन के बाद हो गई। यह घटना उस वक्त सामने आई जब राज्य अब भी ‘Coldrif’ कफ सिरप से जुड़ी 24 बच्चों की मौतों के दर्द से उबर नहीं पाया था। बच्ची का नाम रूही मिनोटे बताया गया है, जो सर्दी और खांसी से पीड़ित थी। परिवार ने पास की कुराथा मेडिकल शॉप से एक आयुर्वेदिक सिरप और पाउडर खरीदा था।

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Cough Syrup Tragedy: Sresan Pharma Representative Arrested in MP – 24 बच्चों की मौत के बाद कार्रवाई तेज

Cough Syrup Tragedy: छिंदवाड़ा खांसी की दवा त्रासदी, 24 बच्चों की मौत के मामले में दवा कंपनी का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव गिरफ्तार

छिंदवाड़ा में खांसी की दवा से 24 बच्चों की मौत — जांच में नई गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में ‘कोल्डरिफ’ खांसी की दवा से हुई 24 बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने स्रेसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को गिरफ्तार किया है। यह कंपनी तमिलनाडु स्थित दवा निर्माता है, जिसका लाइसेंस पहले ही राज्य सरकार ने रद्द कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, सतीश वर्मा को रविवार और सोमवार की दरमियानी रात छिंदवाड़ा से पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी मामले की जांच में बड़ा मोड़ मानी जा रही है। अब तक छह गिरफ्तारियाँ पुलिस ने

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Jaipur Lactulose Syrup Fungus News – जयपुर में पेट साफ करने वाली दवा में फंगस, आपूर्ति रोकी गई

जयपुर में पेट साफ करने वाली दवा में फंगस, मुख्यमंत्री निशुल्क योजना के तहत आपूर्ति रोकी गई

जयपुर में पेट साफ करने वाली दवा में फंगस, आपूर्ति तत्काल रोक जयपुर, राजस्थान। मुख्यमंत्री निशुल्क योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवाओं में लगातार गड़बड़ियों का मामला सामने आ रहा है। हाल ही में जयपुरिया अस्पताल में मरीजों को दी गई पेट साफ करने वाली लैक्टुलोज साल्युशन सीरप में फंगस पाया गया। इस घटना के बाद दवा की आपूर्ति तुरंत रोक दी गई। अस्पताल प्रशासन ने संबंधित बैच को जांच के लिए भेज दिया है और डा. विनोद गुप्ता और डा. राजेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है।

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MP Chhindwara Coldrif Syrup: एमपी छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ सिरप त्रासदी, 11 बच्चों की मौत, एफआईआर दर्ज

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 11 बच्चों की खाँसी की दवा Coldrif के सेवन से मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में खाँसी की दवा Coldrif syrup के सेवन के बाद 11 मासूम बच्चों की दुखद मौत ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। इस मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए डॉक्टर और दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। सूचना के अनुसार, मृत बच्चों में अधिकतर की उम्र छह वर्ष से कम बताई जा रही है। बच्चों के परिजनों के अनुसार, यह दवा बच्चों की खाँसी और जुकाम के इलाज के लिए दी गई थी, लेकिन इसके सेवन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुँचने से पहले

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Health Ministry Advisory: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने से बचें

स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दें

नई दिल्ली।राजस्थान और मध्य प्रदेश में हाल ही में बच्चों की मौत से जुड़ी कफ सिरप की जांच के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने विशेष रूप से दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं नहीं देने की सिफारिश की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में मृत बच्चों से जुड़े कफ सिरप के सैंपल में किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले कोई टॉक्सिन नहीं पाए गए हैं। जांच में यह पुष्टि हुई कि किसी भी नमूने में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल मौजूद नहीं था।

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