
नागपुर।डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1956 में पवित्र दीक्षाभूमि पर बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इस ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए, हाल ही में आयोजित भीमसंघ्या महोत्सव में छात्रों ने मंच पर बाबासाहेब के जीवन और दीक्षा प्रसंग को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय, दीक्षाभूमि और ब्ल्यू रिवोल्यूशनरी कमिटी ने संयुक्त रूप से किया। महाविद्यालय की प्राचार्या दीपा पान्हेकर के प्रयासों से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वेब स्टोरी: नाटिका और प्रस्तुतियों का रोमांच कार्यक्रम में लगभग 80

नागपुर।डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1956 में पवित्र दीक्षाभूमि पर बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इस ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए, हाल ही में आयोजित भीमसंघ्या महोत्सव में छात्रों ने मंच पर बाबासाहेब के जीवन और दीक्षा प्रसंग को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय, दीक्षाभूमि और ब्ल्यू रिवोल्यूशनरी कमिटी ने संयुक्त रूप से किया। महाविद्यालय की प्राचार्या दीपा पान्हेकर के प्रयासों से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वेब स्टोरी: नाटिका और प्रस्तुतियों का रोमांच कार्यक्रम में लगभग 80

‘आई लव आंबेडकर’ से गूंजा सोशल मीडिया: भारतीय युवा कांग्रेस की डिजिटल पहल ने मचाया धमाल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर सोमवार, 7 अक्टूबर 2025 को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने एक अनोखी मुहिम शुरू की—“I LOVE AMBEDKAR”।कुछ ही घंटों में यह ट्रेंड पूरे देश में वायरल हो गया। हजारों यूज़र्स ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में दिल वाले इमोजी, प्रेरक उद्धरण और तस्वीरें साझा कीं। यह डिजिटल लहर सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना को फिर से केंद्र में ले आई। 3,700 से अधिक एंगेजमेंट, देशभर से सहभागिता इस ट्रेंड ने शुरुआती छह घंटे

‘आई लव आंबेडकर’ से गूंजा सोशल मीडिया: भारतीय युवा कांग्रेस की डिजिटल पहल ने मचाया धमाल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर सोमवार, 7 अक्टूबर 2025 को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने एक अनोखी मुहिम शुरू की—“I LOVE AMBEDKAR”।कुछ ही घंटों में यह ट्रेंड पूरे देश में वायरल हो गया। हजारों यूज़र्स ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में दिल वाले इमोजी, प्रेरक उद्धरण और तस्वीरें साझा कीं। यह डिजिटल लहर सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना को फिर से केंद्र में ले आई। 3,700 से अधिक एंगेजमेंट, देशभर से सहभागिता इस ट्रेंड ने शुरुआती छह घंटे

Ashoka Statue Journey: केरल से नागपुर, दीक्षाभूमि पर धम्मदीक्षा में प्रस्तुति सम्राट अशोक, जिन्होंने भारत में धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अमूल्य योगदान दिया, अब एक विशेष Ashoka Statue Journey के माध्यम से नागपुर आ रहे हैं। यह यात्रा केवल एक मूर्तिकला परिवहन नहीं है, बल्कि यह सम्राट अशोक द्वारा किए गए धम्म प्रचार और उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रतीक है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष और धम्मसेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने बताया कि यह प्रतिमा सोमवार, 29 सितंबर को नागपुर पहुँच चुकी है। इसके बाद 30 सितंबर को

Ashoka Statue Journey: केरल से नागपुर, दीक्षाभूमि पर धम्मदीक्षा में प्रस्तुति सम्राट अशोक, जिन्होंने भारत में धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अमूल्य योगदान दिया, अब एक विशेष Ashoka Statue Journey के माध्यम से नागपुर आ रहे हैं। यह यात्रा केवल एक मूर्तिकला परिवहन नहीं है, बल्कि यह सम्राट अशोक द्वारा किए गए धम्म प्रचार और उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रतीक है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष और धम्मसेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने बताया कि यह प्रतिमा सोमवार, 29 सितंबर को नागपुर पहुँच चुकी है। इसके बाद 30 सितंबर को

Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi | Three-Day Buddhist Event Dhamm Diksha Program 2025 का आयोजन इस वर्ष भी दीक्षाभूमि पर किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। भदंत सुरई ससाई उपासकों को धम्मदीक्षा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे बुद्ध वंदना से होगी, जो उपासकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष दीक्षा लेने वाले उपासकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है।

Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi | Three-Day Buddhist Event Dhamm Diksha Program 2025 का आयोजन इस वर्ष भी दीक्षाभूमि पर किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। भदंत सुरई ससाई उपासकों को धम्मदीक्षा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे बुद्ध वंदना से होगी, जो उपासकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष दीक्षा लेने वाले उपासकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है।