
शहरी जनसंख्या में तीव्र वृद्धि ने नगरीकरण को बनाया चुनौतीपूर्ण: खट्टर क्षेत्रीय बैठक में नगरीय विकास पर व्यापक चर्चा बेंगलुरु, 30 अक्टूबर (वार्ता)।केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कहा कि भारत में तेज़ी से बढ़ती शहरी जनसंख्या ने नगरीकरण को एक बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा कर दिया है। बेंगलुरु में आयोजित क्षेत्रीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में क्षेत्रीय स्तर पर संवाद और समीक्षा बैठकों की शुरुआत की है, ताकि राज्यों की स्थानीय चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “आज

शहरी जनसंख्या में तीव्र वृद्धि ने नगरीकरण को बनाया चुनौतीपूर्ण: खट्टर क्षेत्रीय बैठक में नगरीय विकास पर व्यापक चर्चा बेंगलुरु, 30 अक्टूबर (वार्ता)।केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कहा कि भारत में तेज़ी से बढ़ती शहरी जनसंख्या ने नगरीकरण को एक बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा कर दिया है। बेंगलुरु में आयोजित क्षेत्रीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में क्षेत्रीय स्तर पर संवाद और समीक्षा बैठकों की शुरुआत की है, ताकि राज्यों की स्थानीय चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “आज

RSS रूट मार्च में सरकारी अधिकारी की भागीदारी कर्नाटक के रायचूर जिले में 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित RSS रूट मार्च में भाग लेने के कारण कांग्रेस सरकार के नेतृत्व वाले राज्य ने पंचायती विकास अधिकारी प्रवीण कुमार के.पी. को 17 अक्टूबर को निलंबित कर दिया। सरकारी नियमों के अनुसार, सिविल सर्विस अधिकारियों का किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के गतिविधियों में भाग लेना वर्जित है। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी सर्वपक्षीय और निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और किसी राजनीतिक या सांस्कृतिक संगठन के प्रति पक्षपात नहीं दिखा सकते। मुख्यमंत्री और मंत्री

RSS रूट मार्च में सरकारी अधिकारी की भागीदारी कर्नाटक के रायचूर जिले में 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित RSS रूट मार्च में भाग लेने के कारण कांग्रेस सरकार के नेतृत्व वाले राज्य ने पंचायती विकास अधिकारी प्रवीण कुमार के.पी. को 17 अक्टूबर को निलंबित कर दिया। सरकारी नियमों के अनुसार, सिविल सर्विस अधिकारियों का किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के गतिविधियों में भाग लेना वर्जित है। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी सर्वपक्षीय और निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और किसी राजनीतिक या सांस्कृतिक संगठन के प्रति पक्षपात नहीं दिखा सकते। मुख्यमंत्री और मंत्री