
नागपुर, 2 अक्टूबर 2025 – नागपुर में आज दशहरा उत्सव की शाम रावण दहन (Ravan Dahan) की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। शहर के विभिन्न इलाकों से लोग कार्यक्रम स्थल पर उमड़ चुके हैं, और बस कुछ ही देर में बुराई पर अच्छाई की जीत देखने का रोमांच शुरू होगा। नागपुर में रावण दहन की तैयारी#Nagpur #Dussehra2025 pic.twitter.com/Vgop4v4hsG — Rashtra Bharat (@RBharatdigital) October 2, 2025 बारिश और बदलते मौसम के बावजूद आयोजकों ने रावण दहन की तैयारियों को समय पर पूरा किया। फिलहाल मौसम अनुकूल है, जिससे रावण दहन समारोह बिना किसी रुकावट के सम्पन्न होने की संभावना है।

नागपुर, 2 अक्टूबर 2025 – नागपुर में आज दशहरा उत्सव की शाम रावण दहन (Ravan Dahan) की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। शहर के विभिन्न इलाकों से लोग कार्यक्रम स्थल पर उमड़ चुके हैं, और बस कुछ ही देर में बुराई पर अच्छाई की जीत देखने का रोमांच शुरू होगा। नागपुर में रावण दहन की तैयारी#Nagpur #Dussehra2025 pic.twitter.com/Vgop4v4hsG — Rashtra Bharat (@RBharatdigital) October 2, 2025 बारिश और बदलते मौसम के बावजूद आयोजकों ने रावण दहन की तैयारियों को समय पर पूरा किया। फिलहाल मौसम अनुकूल है, जिससे रावण दहन समारोह बिना किसी रुकावट के सम्पन्न होने की संभावना है।

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Dussehra 2025 का पर्व हर साल बड़े हर्ष और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है और प्रभु श्रीराम को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि दशहरे के दिन घर के सही स्थानों पर दीपक (Diya) जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं Dussehra 2025 Deepak Rituals के बारे में। घर का मुख्य

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Dussehra 2025 का पर्व हर साल बड़े हर्ष और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है और प्रभु श्रीराम को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि दशहरे के दिन घर के सही स्थानों पर दीपक (Diya) जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं Dussehra 2025 Deepak Rituals के बारे में। घर का मुख्य

Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अगजानी और दुर्गा पूजा के मौके पर कानून और सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति पूजा पंडालों में उपद्रव करेगा, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को चुनौती देगा या कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो देखें: याद रखना! जब भी दुस्साहस करोगे, ऐसे ही पिटोगे जैसे बरेली के अंदर पीटे गए हो… pic.twitter.com/AZWOU4m495 — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2025 CM Yogi Adityanath News: CM योगी आदित्यनाथ समाचार: सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था

Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अगजानी और दुर्गा पूजा के मौके पर कानून और सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति पूजा पंडालों में उपद्रव करेगा, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को चुनौती देगा या कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो देखें: याद रखना! जब भी दुस्साहस करोगे, ऐसे ही पिटोगे जैसे बरेली के अंदर पीटे गए हो… pic.twitter.com/AZWOU4m495 — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2025 CM Yogi Adityanath News: CM योगी आदित्यनाथ समाचार: सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था

नवरात्र के पावन अवसर पर Siwan जिला एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहाँ की एक सामाजिक संस्था से जुड़े लगभग 40 युवा प्रतिदिन रात 2 बजे से उठकर शहर के प्रमुख मंदिरों में Cleanliness Drive चला रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि भक्तों को भीड़ और चहल-पहल के बीच भी Clean & Peaceful Environment में देवी मां के दर्शन का अवसर मिले। यह सेवा पिछले पाँच वर्षों से लगातार जारी है और अब यह परंपरा का स्वरूप ले चुकी है। युवा टोली नवरात्र के पूरे दस दिनों तक Budhiya Mai Mandir, Kachahari Durga Mandir और Kali Mai Mandir

नवरात्र के पावन अवसर पर Siwan जिला एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहाँ की एक सामाजिक संस्था से जुड़े लगभग 40 युवा प्रतिदिन रात 2 बजे से उठकर शहर के प्रमुख मंदिरों में Cleanliness Drive चला रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि भक्तों को भीड़ और चहल-पहल के बीच भी Clean & Peaceful Environment में देवी मां के दर्शन का अवसर मिले। यह सेवा पिछले पाँच वर्षों से लगातार जारी है और अब यह परंपरा का स्वरूप ले चुकी है। युवा टोली नवरात्र के पूरे दस दिनों तक Budhiya Mai Mandir, Kachahari Durga Mandir और Kali Mai Mandir

मां कात्यायनी का महत्व (Significance of Maa Katyayani): Shardiya Navratri 2025 के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी कहा गया। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं, इनके चार हाथ होते हैं – एक में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे हाथ से आशीर्वाद देती हैं और चौथा हाथ

मां कात्यायनी का महत्व (Significance of Maa Katyayani): Shardiya Navratri 2025 के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी कहा गया। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं, इनके चार हाथ होते हैं – एक में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे हाथ से आशीर्वाद देती हैं और चौथा हाथ

नवरात्रि 2025 का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के Chhindwara District स्थित चमत्कारिक Jamsavli Hanuman Mandir में एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री Sadhvi Uma Bharti जी ने श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वेब स्टोरी: उमाभारती का विशेष आगमन शनिवार की सुबह साध्वी उमा भारती जी मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों

नवरात्रि 2025 का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के Chhindwara District स्थित चमत्कारिक Jamsavli Hanuman Mandir में एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री Sadhvi Uma Bharti जी ने श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वेब स्टोरी: उमाभारती का विशेष आगमन शनिवार की सुबह साध्वी उमा भारती जी मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों

Mumbai Dandiya 2025 Clash: मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में चल रहे डांडिया कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। गुरुवार रात दो गुटों में भिड़ंत हो गई, जिसमें तीन युवकों ने मिलकर 19 वर्षीय छात्र पर हमला किया। हमले में छात्र की नाक टूट गई और उसे गंभीर चोटें आईं। नवरात्रि के मौके पर शहरभर में गरबा और डांडिया उत्सव बड़े धूमधाम से आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने और धक्का-मुक्की के चलते माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में हुई हल्की झड़प ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वेब स्टोरी:

Mumbai Dandiya 2025 Clash: मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में चल रहे डांडिया कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। गुरुवार रात दो गुटों में भिड़ंत हो गई, जिसमें तीन युवकों ने मिलकर 19 वर्षीय छात्र पर हमला किया। हमले में छात्र की नाक टूट गई और उसे गंभीर चोटें आईं। नवरात्रि के मौके पर शहरभर में गरबा और डांडिया उत्सव बड़े धूमधाम से आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने और धक्का-मुक्की के चलते माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में हुई हल्की झड़प ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वेब स्टोरी:

Manisha Devi News Patna: बिहार के पटना ज़िले के बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड के गंजपर गांव में इन दिनों आस्था और कौतूहल का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गांव की महिला मनीषा देवी नवरात्रि के अवसर पर ऐसी तपस्या कर रही हैं, जिसने आसपास के इलाके में चर्चा और श्रद्धा दोनों को जन्म दिया है। मनीषा देवी बीते चार दिनों से iron nails के bed पर लेटी हुई हैं। उनके सीने पर एक पवित्र Kalash रखा है और वे बिना अन्न-जल यानी पूर्ण Nirjala fast का पालन कर रही हैं। Manisha Devi: तपस्या का संकल्प ग्रामीणों

Manisha Devi News Patna: बिहार के पटना ज़िले के बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड के गंजपर गांव में इन दिनों आस्था और कौतूहल का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गांव की महिला मनीषा देवी नवरात्रि के अवसर पर ऐसी तपस्या कर रही हैं, जिसने आसपास के इलाके में चर्चा और श्रद्धा दोनों को जन्म दिया है। मनीषा देवी बीते चार दिनों से iron nails के bed पर लेटी हुई हैं। उनके सीने पर एक पवित्र Kalash रखा है और वे बिना अन्न-जल यानी पूर्ण Nirjala fast का पालन कर रही हैं। Manisha Devi: तपस्या का संकल्प ग्रामीणों

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

मां कूष्मांडा का महत्व (Significance of Maa Kushmanda): Shardiya Navratri 2025 के चौथे दिन (Navratri Day 4) मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि अपने अद्भुत तेज और मुस्कान से मां ने सृष्टि की रचना की थी। इसीलिए उन्हें “आदि स्वरूप” और सृष्टि की जननी माना जाता है। मां कूष्मांडा की आराधना से साधक के जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। मां कूष्मांडा सिंह पर सवार रहती हैं और उनके आठ हाथ होते हैं, जिनमें कमल, गदा, धनुष, बाण, अमृत कलश, चक्र और जपमाला जैसे दिव्य अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते

मां कूष्मांडा का महत्व (Significance of Maa Kushmanda): Shardiya Navratri 2025 के चौथे दिन (Navratri Day 4) मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि अपने अद्भुत तेज और मुस्कान से मां ने सृष्टि की रचना की थी। इसीलिए उन्हें “आदि स्वरूप” और सृष्टि की जननी माना जाता है। मां कूष्मांडा की आराधना से साधक के जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। मां कूष्मांडा सिंह पर सवार रहती हैं और उनके आठ हाथ होते हैं, जिनमें कमल, गदा, धनुष, बाण, अमृत कलश, चक्र और जपमाला जैसे दिव्य अस्त्र-शस्त्र सुशोभित रहते

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति