
हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान सिनेमा टिकट पर लगने वाले कर को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। यह बहस तब शुरू हुई जब फिल्म उद्योग की स्थिति पर चर्चा करते हुए सांसद जया बच्चन ने टिकट पर लगने वाले ज्यादा कर को दर्शकों की कम संख्या का एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने सरकार से इस क्षेत्र को राहत देने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देते हुए कहा कि मनोरंजन कर तय करना केंद्र सरकार का नहीं बल्कि राज्यों का अधिकार है। यह बहस राज्यसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा

हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान सिनेमा टिकट पर लगने वाले कर को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। यह बहस तब शुरू हुई जब फिल्म उद्योग की स्थिति पर चर्चा करते हुए सांसद जया बच्चन ने टिकट पर लगने वाले ज्यादा कर को दर्शकों की कम संख्या का एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने सरकार से इस क्षेत्र को राहत देने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देते हुए कहा कि मनोरंजन कर तय करना केंद्र सरकार का नहीं बल्कि राज्यों का अधिकार है। यह बहस राज्यसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

देश का केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इस बार का बजट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों के बीच आ रहा है, खासकर अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने के फैसले के बाद। ऐसे में यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। बजट दरअसल सरकार का एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार

देश का केंद्रीय बजट 2026 एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जा रहा है। इस बार का बजट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों के बीच आ रहा है, खासकर अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी टैक्स लगाने के फैसले के बाद। ऐसे में यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। बजट दरअसल सरकार का एक वित्तीय दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार

Nirmala Sitharaman on F&O: फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सरकार की मंशा स्पष्ट नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया विवादों के बीच फ्यूचर्स और ऑप्शंस (Futures and Options) ट्रेडिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि निवेश माहौल को मजबूत करना है। मुंबई में आयोजित 12वें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 के दौरान उन्होंने कहा कि “सरकार यहां किसी चीज़ पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि सुधार लाने और रुकावटें दूर करने के लिए है।” उन्होंने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केट में निवेश करने वालों को

Nirmala Sitharaman on F&O: फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सरकार की मंशा स्पष्ट नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया विवादों के बीच फ्यूचर्स और ऑप्शंस (Futures and Options) ट्रेडिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि निवेश माहौल को मजबूत करना है। मुंबई में आयोजित 12वें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 के दौरान उन्होंने कहा कि “सरकार यहां किसी चीज़ पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि सुधार लाने और रुकावटें दूर करने के लिए है।” उन्होंने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केट में निवेश करने वालों को

अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन भारत में अक्टूबर 2025 के महीने में कुल जीएसटी कलेक्शन 4.6% बढ़कर ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले वर्ष अक्टूबर 2024 के ₹1.87 लाख करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। त्योहारी सीजन और मांग में उछाल विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी खरीदारी की जोरदार मांग और दरों में कटौती ने इस वृद्धि को बल दिया। इस वर्ष सितंबर 22 से जीएसटी दरों में कटौती की गई थी — जो नवरात्रि का पहला दिन था और नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।

अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन भारत में अक्टूबर 2025 के महीने में कुल जीएसटी कलेक्शन 4.6% बढ़कर ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले वर्ष अक्टूबर 2024 के ₹1.87 लाख करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। त्योहारी सीजन और मांग में उछाल विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी खरीदारी की जोरदार मांग और दरों में कटौती ने इस वृद्धि को बल दिया। इस वर्ष सितंबर 22 से जीएसटी दरों में कटौती की गई थी — जो नवरात्रि का पहला दिन था और नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर वित्त मंत्री का बड़ा एलान नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने धनतेरस के अवसर पर घोषणा की कि जीएसटी दरों में हाल ही में की गई कटौती का असर त्योहारी सीजन के बाद भी जारी रहेगा। सीतारमण ने कहा कि यह कदम केवल अल्पकालिक राहत नहीं है, बल्कि उपभोग और मांग को स्थायी रूप से बढ़ावा देगा। 54 उत्पादों पर निगरानी वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार 54 रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रख रही है, ताकि जीएसटी कटौती का लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुँच सके। कुछ वस्तुओं में अपेक्षा से अधिक कीमतों

धनतेरस पर वित्त मंत्री का बड़ा एलान नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने धनतेरस के अवसर पर घोषणा की कि जीएसटी दरों में हाल ही में की गई कटौती का असर त्योहारी सीजन के बाद भी जारी रहेगा। सीतारमण ने कहा कि यह कदम केवल अल्पकालिक राहत नहीं है, बल्कि उपभोग और मांग को स्थायी रूप से बढ़ावा देगा। 54 उत्पादों पर निगरानी वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार 54 रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रख रही है, ताकि जीएसटी कटौती का लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुँच सके। कुछ वस्तुओं में अपेक्षा से अधिक कीमतों

जीएसटी कटौती से आम आदमी को मिली राहत नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के बाद रोजमर्रा की 54 वस्तुओं के दाम में 6 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है और उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है। कटौती का प्रभाव और शामिल वस्तुएँ इन 54 वस्तुओं में बटर-घी, टूथब्रश, शैंपू, छाता, खिलौने, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आइटम शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कटौती के बाद इन वस्तुओं की

जीएसटी कटौती से आम आदमी को मिली राहत नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के बाद रोजमर्रा की 54 वस्तुओं के दाम में 6 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है और उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है। कटौती का प्रभाव और शामिल वस्तुएँ इन 54 वस्तुओं में बटर-घी, टूथब्रश, शैंपू, छाता, खिलौने, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आइटम शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कटौती के बाद इन वस्तुओं की

जीएसटी 2.0 सुधारों से अर्थव्यवस्था को मिला नया संबल, त्योहारी बिक्री ने तोड़े सभी रिकॉर्ड नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान की है। उनके अनुसार, इन सुधारों के कारण उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को समान लाभ मिला है। त्योहारी सीज़न में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई, जो देश की आर्थिक सुदृढ़ता का प्रतीक है। वित्त मंत्री ने बताया, आम नागरिक तक पहुँच रहा है लाभ वित्त मंत्री ने कहा कि

जीएसटी 2.0 सुधारों से अर्थव्यवस्था को मिला नया संबल, त्योहारी बिक्री ने तोड़े सभी रिकॉर्ड नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान की है। उनके अनुसार, इन सुधारों के कारण उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को समान लाभ मिला है। त्योहारी सीज़न में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई, जो देश की आर्थिक सुदृढ़ता का प्रतीक है। वित्त मंत्री ने बताया, आम नागरिक तक पहुँच रहा है लाभ वित्त मंत्री ने कहा कि

नई दिल्ली।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह खुलासा किया कि बैंकों और नियामकों के पास कुल ₹1.84 लाख करोड़ मूल्य की वित्तीय संपत्तियां बिना किसी दावे के पड़ी हैं। ये संपत्तियां बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, भविष्य निधि और शेयरों के रूप में हैं। इस अवसर पर उन्होंने ‘आपकी पूँजी, आपका अधिकार’ अभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य इन लावारिस संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। अभियान के तीन मुख्य स्तंभ: जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई वित्त मंत्री ने अधिकारियों से तीन महीने के अभियान के दौरान इन संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुँचाने के लिए

नई दिल्ली।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह खुलासा किया कि बैंकों और नियामकों के पास कुल ₹1.84 लाख करोड़ मूल्य की वित्तीय संपत्तियां बिना किसी दावे के पड़ी हैं। ये संपत्तियां बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, भविष्य निधि और शेयरों के रूप में हैं। इस अवसर पर उन्होंने ‘आपकी पूँजी, आपका अधिकार’ अभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य इन लावारिस संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। अभियान के तीन मुख्य स्तंभ: जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई वित्त मंत्री ने अधिकारियों से तीन महीने के अभियान के दौरान इन संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुँचाने के लिए

GST 2.0 reforms ने भारत में food और beverage sectors में एक नई लहर ला दी है। September 22, 2025 से लागू हुए इस नए GST सिस्टम ने केवल tax slabs को simplify नहीं किया, बल्कि consumers के लिए daily essentials और indulgent products को भी सस्ता कर दिया। अब चार tax slabs (5%, 12%, 18%, 28%) की जगह केवल दो slabs – 5% और 18% – रह गई हैं। इस बदलाव का असर तुरंत FMCG brands और dairy companies की pricing पर दिखा। वेब स्टोरी: GST 2.0 reforms: Maggi और Nescafé के Prices में कटौती Nestlé India ने अपने

GST 2.0 reforms ने भारत में food और beverage sectors में एक नई लहर ला दी है। September 22, 2025 से लागू हुए इस नए GST सिस्टम ने केवल tax slabs को simplify नहीं किया, बल्कि consumers के लिए daily essentials और indulgent products को भी सस्ता कर दिया। अब चार tax slabs (5%, 12%, 18%, 28%) की जगह केवल दो slabs – 5% और 18% – रह गई हैं। इस बदलाव का असर तुरंत FMCG brands और dairy companies की pricing पर दिखा। वेब स्टोरी: GST 2.0 reforms: Maggi और Nescafé के Prices में कटौती Nestlé India ने अपने

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2025: MG Motor India ने GST 2.0 के लागू होने के बाद अपने देश में ICE (Internal Combustion Engine) मॉडल्स की कीमतों में बड़ा MG Motor India Price Cut किया है। कंपनी ने बताया कि इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक 100 प्रतिशत पहुंचाया जाएगा। यह नई कीमतें 7 सितंबर 2025 और उसके बाद की सभी बुकिंग्स पर लागू होंगी। MG Motor India के पास भारत में तीन प्रमुख SUV मॉडल्स हैं – Astor, Hector और Gloster, जिनकी कीमतों में यह कटौती की गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मॉडल्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2025: MG Motor India ने GST 2.0 के लागू होने के बाद अपने देश में ICE (Internal Combustion Engine) मॉडल्स की कीमतों में बड़ा MG Motor India Price Cut किया है। कंपनी ने बताया कि इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक 100 प्रतिशत पहुंचाया जाएगा। यह नई कीमतें 7 सितंबर 2025 और उसके बाद की सभी बुकिंग्स पर लागू होंगी। MG Motor India के पास भारत में तीन प्रमुख SUV मॉडल्स हैं – Astor, Hector और Gloster, जिनकी कीमतों में यह कटौती की गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मॉडल्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया

Audi India Price Cut: जीएसटी 2.0 के बाद ऑडी कारों के दाम ₹7.8 लाख तक घटे मुंबई, 8 सितंबर 2025 — जर्मन लग्ज़री कार निर्माता ऑडी इंडिया (Audi India) ने अपनी पूरी प्रोडक्ट लाइनअप में भारी कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। यह फैसला हाल ही में लागू हुए GST 2.0 के बाद लिया गया है, जिसके चलते ग्राहकों को अब ऑडी कारों और एसयूवीज़ पर ₹2.6 लाख से लेकर ₹7.8 लाख तक का फायदा मिलेगा। Explore Trending Web Stories: खरीदारों के लिए बड़ी राहत नए दामों के अनुसार ऑडी की लोकप्रिय एंट्री-लेवल SUV Q3 अब ₹43.07 लाख से

Audi India Price Cut: जीएसटी 2.0 के बाद ऑडी कारों के दाम ₹7.8 लाख तक घटे मुंबई, 8 सितंबर 2025 — जर्मन लग्ज़री कार निर्माता ऑडी इंडिया (Audi India) ने अपनी पूरी प्रोडक्ट लाइनअप में भारी कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। यह फैसला हाल ही में लागू हुए GST 2.0 के बाद लिया गया है, जिसके चलते ग्राहकों को अब ऑडी कारों और एसयूवीज़ पर ₹2.6 लाख से लेकर ₹7.8 लाख तक का फायदा मिलेगा। Explore Trending Web Stories: खरीदारों के लिए बड़ी राहत नए दामों के अनुसार ऑडी की लोकप्रिय एंट्री-लेवल SUV Q3 अब ₹43.07 लाख से

New GST Rates: जीएसटी परिषद ने बुधवार को माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों के तहत 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की 2-स्तरीय कर संरचना (Tax Slab) को मंजूरी दे दी। यह व्यवस्था 22 सितंबर से लागू होगी। सभी राज्य दरों को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में – सम्राट चौधरी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी राज्य दरों को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में हैं। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से कुल नुकसान 47,700 करोड़ रुपये होगा। New GST

New GST Rates: जीएसटी परिषद ने बुधवार को माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों के तहत 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की 2-स्तरीय कर संरचना (Tax Slab) को मंजूरी दे दी। यह व्यवस्था 22 सितंबर से लागू होगी। सभी राज्य दरों को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में – सम्राट चौधरी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी राज्य दरों को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में हैं। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से कुल नुकसान 47,700 करोड़ रुपये होगा। New GST