
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 1 दिसंबर से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन ही राज्यसभा में हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर तत्काल चर्चा की मांग की। जब इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई तो विपक्ष के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पूरे मामले में सरकार ने साफ किया कि वह किसी भी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं है लेकिन उसे जवाब तैयार करने के लिए कुछ समय दिया जाए। विपक्ष की मांग और सरकार का जवाब राज्यसभा में जैसे ही औपचारिकताओं के

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 1 दिसंबर से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन ही राज्यसभा में हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर तत्काल चर्चा की मांग की। जब इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई तो विपक्ष के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पूरे मामले में सरकार ने साफ किया कि वह किसी भी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं है लेकिन उसे जवाब तैयार करने के लिए कुछ समय दिया जाए। विपक्ष की मांग और सरकार का जवाब राज्यसभा में जैसे ही औपचारिकताओं के

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक से उनकी गैरहाजिरी। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने की थी। शशि थरूर के इस बैठक में नहीं पहुंचने पर कई सवाल उठे हैं और पार्टी के भीतर भी इस पर चर्चा हो रही है। शशि थरूर ने अपनी गैरहाजिरी पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर बैठक को नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि बैठक के समय वह

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक से उनकी गैरहाजिरी। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने की थी। शशि थरूर के इस बैठक में नहीं पहुंचने पर कई सवाल उठे हैं और पार्टी के भीतर भी इस पर चर्चा हो रही है। शशि थरूर ने अपनी गैरहाजिरी पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर बैठक को नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि बैठक के समय वह

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों को एक स्पष्ट और सीधा संदेश दिया है। उन्होंने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए विपक्ष की हालिया रणनीति पर सवाल उठाए और उनसे देश हित में रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद का सत्र देश की जनता के लिए फायदेमंद होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों को एक स्पष्ट और सीधा संदेश दिया है। उन्होंने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए विपक्ष की हालिया रणनीति पर सवाल उठाए और उनसे देश हित में रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद का सत्र देश की जनता के लिए फायदेमंद होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में विचारों की विविधता के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं, जब सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर किसी नेता के वक्तव्य की सराहना की जाती है। ऐसा ही एक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की प्रशंसा की, जिसमें भारत को 2035 तक मैकाले की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया गया। यह टिप्पणी न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में विचारों की विविधता के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं, जब सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर किसी नेता के वक्तव्य की सराहना की जाती है। ऐसा ही एक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की प्रशंसा की, जिसमें भारत को 2035 तक मैकाले की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया गया। यह टिप्पणी न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की

देश की सांस्कृतिक चेतना और भाषाई आत्मसम्मान पर नई बहस नई दिल्ली, 18 नवम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए गए भाषण के बाद देश में भाषा, शिक्षा और उपनिवेशवादी मानसिकता पर एक नया विमर्श तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जहां शैक्षणिक ढांचे पर ब्रिटिश प्रभाव और भारतीय भाषाओं के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की, वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनकी इन बातों का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आह्वान बताया। प्रधानमंत्री का संदेश: भाषा और विरासत के प्रति आत्मविश्वास का आह्वान प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में इंग्लिश

देश की सांस्कृतिक चेतना और भाषाई आत्मसम्मान पर नई बहस नई दिल्ली, 18 नवम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए गए भाषण के बाद देश में भाषा, शिक्षा और उपनिवेशवादी मानसिकता पर एक नया विमर्श तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जहां शैक्षणिक ढांचे पर ब्रिटिश प्रभाव और भारतीय भाषाओं के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की, वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनकी इन बातों का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आह्वान बताया। प्रधानमंत्री का संदेश: भाषा और विरासत के प्रति आत्मविश्वास का आह्वान प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में इंग्लिश

गुजरात मंत्रिमंडल पुनर्गठन: राजनीतिक हलचल की नई शुरुआत गुजरात राज्य की राजनीति में स्थानीय चुनावों से पहले महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। इस मंत्रिमंडल में आठ कैबिनेट रैंक के मंत्री और आठ राज्य मंत्री शामिल थे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, सभी मंत्रियों के इस्तीफे पार्टी द्वारा स्वीकार किए गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की पृष्ठभूमि गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 27 मंत्री, यानी कुल सदस्यों का लगभग 15%, मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकते हैं। वर्तमान सरकार को

गुजरात मंत्रिमंडल पुनर्गठन: राजनीतिक हलचल की नई शुरुआत गुजरात राज्य की राजनीति में स्थानीय चुनावों से पहले महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। इस मंत्रिमंडल में आठ कैबिनेट रैंक के मंत्री और आठ राज्य मंत्री शामिल थे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, सभी मंत्रियों के इस्तीफे पार्टी द्वारा स्वीकार किए गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की पृष्ठभूमि गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 27 मंत्री, यानी कुल सदस्यों का लगभग 15%, मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकते हैं। वर्तमान सरकार को

बिहार चुनाव 2025: हर खर्च पर नजर | Bihar Election 2025 बांका, बिहार: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर प्रशासन ने उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर सख्त नियंत्रण लागू किया है। अब चाय, रसगुल्ले, भोजन, होटल रूम और वाहन किराया समेत हर खर्च का बिल देना अनिवार्य होगा। बांका जिला प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी वस्तुओं और सेवाओं के नियत दरें तय कर दी हैं। इसका उद्देश्य चुनावी व्यय सीमा का सही लेखा-जोखा रखना है और अनियंत्रित खर्चों को रोकना है। यह भी पढ़ें: मायावती की लखनऊ रैली: सपा पर कांशीराम अपमान का आरोप, योगी सरकार

बिहार चुनाव 2025: हर खर्च पर नजर | Bihar Election 2025 बांका, बिहार: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर प्रशासन ने उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर सख्त नियंत्रण लागू किया है। अब चाय, रसगुल्ले, भोजन, होटल रूम और वाहन किराया समेत हर खर्च का बिल देना अनिवार्य होगा। बांका जिला प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी वस्तुओं और सेवाओं के नियत दरें तय कर दी हैं। इसका उद्देश्य चुनावी व्यय सीमा का सही लेखा-जोखा रखना है और अनियंत्रित खर्चों को रोकना है। यह भी पढ़ें: मायावती की लखनऊ रैली: सपा पर कांशीराम अपमान का आरोप, योगी सरकार