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हमास ने लौटाए केवल शव के अंग, नेतन्याहू बोले – दो साल पहले मिले बंधक के शरीर के हिस्से

हमास ने लौटाए केवल शव के अंग, नेतन्याहू बोले – दो साल पहले मिले बंधक के शरीर के हिस्से
Netanyahu on Hamas Remains: हमास ने लौटाए सिर्फ शरीर के हिस्से, नेतन्याहू बोले सीजफायर का उल्लंघन (Image Source: Rawpixel)
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Aryan Ambastha
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हमास ने लौटाए सिर्फ शरीर के अंग, नेतन्याहू ने कहा – दो साल पहले मिले बंधक के अवशेष, सीजफायर का उल्लंघन

तेल अवीव, 28 अक्टूबर (एपी):
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को बताया कि हमास द्वारा लौटाए गए बंधक के अवशेष दरअसल दो साल पहले गाजा से बरामद किए गए बंधक के शरीर के हिस्से हैं। उन्होंने इस घटना को अमेरिका-प्रेरित युद्धविराम (ceasefire) समझौते का “स्पष्ट उल्लंघन” बताया।

दो साल से जारी संघर्ष में 51 शव मिले

इज़राइली सेना ने बताया कि पिछले दो वर्षों में गाजा पट्टी में चल रहे इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान कुल 51 बंधकों के शव बरामद किए गए हैं। हालांकि अब भी 13 बंधकों के शव गाजा में मौजूद हैं, जिनकी पहचान और बरामदगी को लेकर प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है।

नेतन्याहू ने जताई नाराज़गी

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि —

“हमास ने जो लौटाया है, वह एक बंधक के केवल शरीर के अंग हैं, न कि नया शव। यह कदम युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन है।”

उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि हमास अब भी मानवीय समझौतों का सम्मान नहीं कर रहा और इस वजह से युद्धविराम की अगली प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

हमास की दलील और इज़राइल का आरोप

हमास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संगठन गाजा में भारी विनाश के बीच शवों को खोजने में कठिनाई झेल रहा है।
वहीं, इज़राइल ने हमास पर जानबूझकर शवों की वापसी में देरी करने का आरोप लगाया है ताकि सीजफायर वार्ता पर दबाव बनाया जा सके।

मानवीय स्थिति अब भी गंभीर

गाजा में चल रहे लंबे युद्ध और हमलों से हजारों लोग विस्थापित हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम समझौते को लागू करने और बंधकों की सुरक्षित वापसी की अपील लगातार कर रहा है।
लेकिन इस घटना के बाद, सीजफायर की शर्तों के पालन पर नई शंका और तनाव पैदा हो गया है।


हमास द्वारा लौटाए गए शव के हिस्सों को लेकर नेतन्याहू का बयान इस बात का संकेत है कि इज़राइल और हमास के बीच विश्वास का संकट अब भी गहराता जा रहा है। ऐसे में युद्धविराम के अगले चरणों को लागू करना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


ये न्यूज पीटीआई (PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित हो गई है।


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