Rashtra Bharat Logo

Petrol-Diesel Price Today: महंगे तेल ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन, क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?

Petrol-Diesel Price Today: महंगे तेल ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन, क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
आज बदल गए पेट्रोल-डीजल के रेट? टैंक फुल कराने से पहले जरूर देखें अपने शहर का भाव

तीन साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारतीय बाजार पर दिख रहा है। फिलहाल दाम स्थिर हैं, लेकिन आगे और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Petrol-Diesel Price Today: सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर लगी लंबी कतारें, बाइक में कम तेल भरवाते लोग और हर चेहरे पर बस एक ही सवाल कि “अब और कितना महंगा होगा पेट्रोल?” दरअसल  कल शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाल दिया है। हालांकि आज शनिवार को कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन लोगों की चिंता कम नहीं हुई है।

तीन साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

करीब तीन साल बाद सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं। राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल लगभग 98 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी 90 रुपये के पार बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी हालात अलग नहीं हैं। रोज ऑफिस जाने वाले कर्मचारी हों, ऑटो चालक हों या छोटे व्यापारी हर किसी का मासिक बजट अब गड़बड़ाने लगा है।

विभिन्न शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 108.70 रुपये और डीजल 95.13 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है।

क्यों बढ़े तेल के दाम ?

दरअसल, इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है, वहां हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यही असर अब भारत में भी दिखाई दे रहा है।

तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से वे भारी नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा बढ़ोतरी अभी पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि कंपनियां अब भी पेट्रोल और डीजल पर बड़ा नुकसान उठा रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

लगातार कमजोर हो रहा रुपया

स्थिति को और मुश्किल बना रहा है डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता रुपया। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है और डॉलर मजबूत होने का सीधा असर तेल आयात पर पड़ता है। इससे सरकार और तेल कंपनियों दोनों पर दबाव बढ़ गया है।

सरकार ने दी थोड़ी राहत

हालांकि सरकार ने पहले टैक्स में कटौती कर राहत देने की कोशिश की थी, लेकिन वैश्विक हालात के आगे वह राहत ज्यादा दिन टिक नहीं पाई। अब आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे होंगे या बाजार में कुछ राहत मिलेगी।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।