PM Ujjwala Yojana: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PM Ujjwala Yojana) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। नए नियम के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल पहले 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले लाभार्थियों को 9 सिलेंडरों तक यह सुविधा दी जा रही थी। हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सरकार का यह फैसला लाखों परिवारों को प्रभावित कर सकता है।
2016 में शुरू हुई थी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत अब तक 10.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करना था। पिछले कुछ वर्षों में यह केंद्र सरकार की सबसे चर्चित जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल रही है।
एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी
सरकार ने मई 2022 में उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी शुरू की थी। बाद में अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। अब भी सब्सिडी की राशि 300 रुपये ही रहेगी, लेकिन इसका लाभ केवल चार रिफिल तक सीमित कर दिया गया है। ऐसे में जहां पहले लाभार्थियों को सालभर में अधिकतम 2,700 रुपये की सहायता मिल सकती थी, वहीं अब यह घटकर 1,200 रुपये रह जाएगी।
करीब 1,500 रुपये कम मिलेगी सब्सिडी
सरकार के इस फैसले का सीधा असर गरीब और मध्यम आय वर्ग के उन परिवारों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से एलपीजी का उपयोग करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को सालाना करीब 1,500 रुपये कम सब्सिडी मिलेगी। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला उज्ज्वला परिवारों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखकर लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार अधिकांश लाभार्थी परिवार साल में औसतन चार सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं।