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Vijay Hazare Trophy: टूटे आज तक के सभी रिकॉर्ड, रांची के मैदान में बिहार ने जड़े 574 रन

Vijay Hazare Trophy: टूटे आज तक के सभी रिकॉर्ड, रांची के मैदान में बिहार ने जड़े 574 रन
रांची के मैदान में बिहार ने जड़े 574 रन (Pic Credit- X @thethakurforce)

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 574 रन बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। वैभव सूर्यवंशी, सकीबुल गनी और आयुष की पारियों ने बिहार क्रिकेट को ऐतिहासिक ऊंचाई दी।

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Dipali Kumari
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Vijay Hazare Trophy: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का पहला दिन बिहार क्रिकेट के लिए सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि पहचान, आत्मविश्वास और इतिहास की पुनर्लेखन कथा बन गया। रांची के मैदान पर जब बिहार की टीम उतरी, तो शायद किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह मैच भारतीय घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों को ही बदल देगा। प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए बिहार ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 574 रन बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में ऐसा शिखर छू लिया, जो आज तक कोई टीम नहीं छू पाई थी।

बिहार ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

574 रन। यह आंकड़ा अपने आप में असाधारण है। लिस्ट ए क्रिकेट के लगभग पांच दशक के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने 550 रन का आंकड़ा पार किया। इससे पहले सिर्फ एक बार 500 से अधिक रन बने थे और वह भी 2022 में तमिलनाडु ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 505 रन बनाए थे। अब उसी अरुणाचल के खिलाफ बिहार ने वह कर दिखाया, जो अब तक असंभव माना जाता था।

यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि यह किसी अंतरराष्ट्रीय टीम या बेहद मजबूत घरेलू दिग्गज द्वारा नहीं, बल्कि उस बिहार ने बनाया है जिसे अक्सर संसाधनों की कमी और अवसरों के अभाव से जोड़ा जाता रहा है।

टॉस से ही साफ था इरादा

बिहार ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया और पहले ओवर से ही साफ कर दिया कि आज सिर्फ खेलने नहीं, बयान देने आए हैं। पारी की शुरुआत तेज थी, लेकिन असली तूफान विकेट गिरने के बाद आया। मंगल महरोर के आउट होने तक स्कोर 158 पहुंच चुका था और यहीं से मैच पूरी तरह बिहार के नियंत्रण में चला गया।

वैभव सूर्यवंशी की पारी

14 साल के वैभव सूर्यवंशी की 190 रनों की पारी इस मैच की आत्मा थी। 84 गेंदों में 16 चौके और 15 छक्के, वह भी 226 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ। यह पारी बताती है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, अगर तकनीक, आत्मविश्वास और सोच बड़ी हो।

वैभव की बल्लेबाजी में जल्दबाजी नहीं थी। उन्होंने हालात पढ़े, गेंदबाजों को परखा और फिर आक्रमण का ऐसा स्तर चुना, जिससे अरुणाचल की गेंदबाजी पूरी तरह टूट गई।

अगर वैभव ने पारी की रफ्तार तय की, तो कप्तान सकीबुल गनी ने उसे विस्फोट में बदल दिया। 40 गेंदों में 128 रन, 10 चौके और 12 छक्के। सकीबुल ने 32 गेंदों में शतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

आयुष और पीयूष की अहम भूमिकाएं

आयुष लोहारुका ने 56 गेंदों में 116 रन बनाकर मध्यक्रम को मजबूती दी, जबकि पीयूष सिंह ने 77 रनों की पारी खेलकर बड़े स्कोर की नींव को स्थिर रखा। यह साझेदारियां बताती हैं कि यह पारी किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की सोच का नतीजा थी।

बिहार क्रिकेट की बदलती पहचान

एक समय था जब बिहार क्रिकेट को सिर्फ संघर्ष और विवादों से जोड़ा जाता था। आज वही बिहार आत्मविश्वास, आक्रामकता और रिकॉर्ड्स की भाषा बोल रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि वर्षों की मेहनत और खिलाड़ियों की भूख का नतीजा है।

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का यह पहला मैच शायद आने वाले समय में उस मोड़ के रूप में याद किया जाएगा, जहां से बिहार क्रिकेट ने खुद को नई पहचान दी।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।