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तन्वी शर्मा BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में, भारत को निश्चित रूप से ऐतिहासिक पदक

तन्वी शर्मा BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में, भारत को निश्चित रूप से ऐतिहासिक पदक
Tanvi Sharma: तन्वी शर्मा बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचीं, ऐतिहासिक पदक पक्का (Image Source: X/DDNewsHindi)
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Aryan Ambastha
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तन्वी शर्मा BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में, भारत को ऐतिहासिक पदक की गारंटी

भारत की युवा बैडमिंटन स्टार तन्वी शर्मा ने BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2025 में इतिहास रचते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की लियू सी या को 15-11, 15-9 से हराकर भारत को कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया है। फाइनल मुकाबले में तन्वी का सामना थाईलैंड की Anyapat Phichitpreechasak से होगा।

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

तन्वी शर्मा इस उपलब्धि के साथ उन भारतीयों की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट में महिला सिंगल्स फाइनल तक का सफर तय किया है। इससे पहले केवल दो भारतीयों ने यह मुकाम हासिल किया था:

  • अपरना पोपट (1996) – सिल्वर मेडल

  • साइना नेहवाल (2006 – सिल्वर, 2008 – गोल्ड)

इसके साथ ही तन्वी पांचवे भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं जो BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचीं। अन्य भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया, वे हैं: सिरिल वर्मा (2015) और सांकर मुथुस्वामी (2002)

फाइनल मुकाबला

फाइनल में तन्वी शर्मा का सामना थाईलैंड की Anyapat Phichitpreechasak से होगा, जिन्होंने अपने सेमीफाइनल में थाईलैंड की साथी खिलाड़ी Yataweemin Ketklieng को 10-15, 15-11, 15-5 से हराया।

16 वर्षीय तन्वी इस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में ही बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया था।

अन्य भारतीय प्रदर्शन

  • महिला सिंगल्स में भारत की दूसरी उम्मीद उन्नति हूडा क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड की Phichitpreechasak से हार गईं।

  • पुरुष सिंगल्स में ग्नान दत्तु ने चीन के तीसरे वरीयता प्राप्त खिलाड़ी Liu Yang Ming Yu के खिलाफ शानदार मुकाबला खेला, लेकिन 15-11, 15-13 से हार गए।

  • मिक्स्ड डबल्स में भाव्या छाबड़ा और विश्वका टोप्पो की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में Chinese Taipei की Hung Bing Fu और Chou Yun An से 15-9, 15-7 से हार गई।

युवा प्रतिभाओं की चमक

तन्वी शर्मा की यह उपलब्धि भारत के लिए गर्व का क्षण है। उनकी जीत न केवल युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देती है बल्कि भारत के बैडमिंटन खेल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में मदद करती है। उनके फाइनल में प्रदर्शन पर पूरा देश नजर रखेगा और उम्मीद है कि वह यह ऐतिहासिक जीत अपने नाम करेंगी।


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