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AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की रेड, हाल ही में राघव चड्ढा की जगह बने थे उपनेता

AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की रेड, हाल ही में राघव चड्ढा की जगह बने थे उपनेता
AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की रेड, हाल ही में राघव चड्ढा की जगह बने थे उपनेता (Pic Credit- X @AamAadmiParty)

AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की छापेमारी ने सियासत को गरमा दिया है। हाल ही में उपनेता बनाए गए मित्तल पर हुई यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। क्या इसके पीछे सिर्फ जांच है या फिर कोई बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा है?

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Dipali Kumari
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Ashok Mittal: देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज बुधवार की सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सांसद के गुरुग्राम, जालंधर और पंजाब स्थित कई ठिकानों  पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई के बाद एक ओर जहां जांच एजेंसी अपने काम में जुटी है, वहीं सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी 8 से 9 ठिकानों पर की गई, जिसमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ईडी को विश्वविद्यालय के फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई।

सांसद के बेटे के ठिकाने पर भी रेड

सुबह-सुबह हुई इस छापेमारी ने मित्तल परिवार को भी चौंका दिया। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की टीम ने सांसद के बेटे से जुड़े कई ठिकानों पर भी दबिश दी है, क्योंकि वे भी विभिन्न कारोबारी गतिविधियों में सक्रिय हैं। ईडी अधिकारी मौके पर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटे हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी विदेशी निवेश या दान में नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर लगाया आरोप 

इस पूरी कार्रवाई के बीच राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे सीधा-सीधा राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब पंजाब में आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। उनका आरोप है कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है।

वहीं AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां पहले केंद्रीय एजेंसियां भेज दी जाती हैं। उनका दावा है कि इस तरह की कार्रवाई से बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा और पंजाब में जनता इसका जवाब देगी।

राज्यसभा में AAP ने अशोक मित्तल को चुना था उपनेता

गौरतलब है कि अशोक मित्तल को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपना उपनेता नियुक्त किया था। उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली थी। ऐसे में यह छापेमारी राजनीतिक तौर पर और भी अहम मानी जा रही है।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।