क्रिकेट खेलते-खेलते आया अटैक, खिलाड़ी की मौत

दौसा में क्रिकेट खेलते समय 25 वर्षीय रामराज की अचानक मौत हो गई। पांच महीने पहले शादी हुई थी। जानिए खेल के दौरान ऐसी घटनाओं के कारण और बचाव।
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5 महीने पहले हुई थी शादी, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था युवक
राजस्थान के दौसा जिले के महवा क्षेत्र के समलेटी गांव में क्रिकेट खेलते समय 25 वर्षीय रामराज की अचानक मौत हो गई। रविवार शाम दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहे रामराज की खेल के दौरान तबीयत बिगड़ी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। रामराज की मौत से परिवार में मातम है। उनकी शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी और अभी शादी को करीब पांच महीने ही हुए थे। परिजनों के अनुसार, वह सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, रामराज के सीने में दर्द हुआ था। उनकी अचानक मौत ने गांव के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है।
खेलते समय अचानक क्यों बिगड़ सकती है तबीयत?
- क्रिकेट में लगातार दौड़ने के साथ अचानक तेज भागना, गेंदबाजी, बल्लेबाजी और शारीरिक मेहनत शामिल होती है। इससे कुछ समय के लिए हृदय की गति और शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत तेजी से बढ़ सकती है।
- युवाओं में भी कुछ ऐसी हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिनका पहले पता नहीं चलता। दुर्लभ परिस्थितियों में अत्यधिक शारीरिक मेहनत गंभीर हृदय ताल संबंधी समस्या को सामने ला सकती है। इसके अलावा पानी की कमी, अत्यधिक गर्मी, इलेक्ट्रोलाइट में बदलाव और दूसरी चिकित्सकीय स्थितियां भी खेल के दौरान अचानक परेशानी पैदा कर सकती हैं।
- हालांकि मैदान पर गिरने वाले हर व्यक्ति की मौत का कारण हृदय संबंधी समस्या ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए रामराज के मामले में शुरुआती रिपोर्ट में हार्ट अटैक की बात सामने आने के बावजूद अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष के बिना इसे निश्चित कारण मानना उचित नहीं होगा।
क्रिकेट मैदान पर पहले भी थमी हैं सांसें
पुणे, 2024: 35 वर्षीय क्रिकेटर इमरान पटेल लीग मैच के दौरान सीने और बाएं हाथ में दर्द की शिकायत के बाद मैदान से बाहर जा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक गिर पड़े। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्टों में उनकी मौत को कार्डियक अरेस्ट से जोड़ा गया था।
फिरोजपुर, 2025: पंजाब में क्रिकेट मैच के दौरान हरजीत सिंह ने छक्का लगाने के कुछ ही क्षण बाद मैदान पर दम तोड़ दिया। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्टों में मौत को हार्ट अटैक से जोड़ा गया।
बेंगलुरु, 2026: पूर्व कर्नाटक रणजी क्रिकेटर एसएल अक्षय मैच के दौरान सीने में दर्द की शिकायत के बाद मैदान पर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्टों में मौत को हार्ट अटैक से जोड़ा गया।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
- खेल के दौरान सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित लगना और अचानक अत्यधिक कमजोरी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं।
- ऐसी स्थिति में खिलाड़ी को खेल जारी रखने के बजाय तुरंत मैदान से बाहर आना चाहिए और चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
- जिन लोगों को पहले व्यायाम के दौरान ऐसे लक्षण हुए हों या परिवार में कम उम्र में अचानक मौत अथवा गंभीर हृदय बीमारी का इतिहास रहा हो, उन्हें डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।
मैदान पर एईडी और सीपीआर क्यों जरूरी?
अचानक हृदय गति रुकने जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में मौके पर ही सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन शुरू करना और जरूरत पड़ने पर एईडी यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल करना जीवन बचाने में मदद कर सकता है। इसलिए बड़े खेल मैदानों, खेल अकादमियों और नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित करने वाले स्थानों पर एईडी, प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस और प्रशिक्षित लोगों की व्यवस्था होनी चाहिए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तत्काल सीपीआर और एईडी के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण मानता है।
खेल जरूरी है, लेकिन शरीर के संकेत उससे भी जरूरी
- क्रिकेट और दूसरे खेल स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खेलते समय शरीर के गंभीर संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सीने में दर्द या अचानक असामान्य कमजोरी महसूस होने पर खेल जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
- रामराज की मौत और क्रिकेट मैदान पर सामने आए दूसरे मामलों से एक सवाल जरूर उठता है-क्या हमारे खेल मैदान अचानक होने वाली चिकित्सकीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हैं?
- हर घटना को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर चेतावनी पहचानना, सीपीआर देना, एईडी उपलब्ध रखना और तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाना किसी खिलाड़ी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

