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बच्चों की देसी कार देखकर रुक गए सचिन तेंदुलकर, देखिए वायरल VIDEO

बच्चों की देसी कार देखकर रुक गए सचिन तेंदुलकर, देखिए वायरल VIDEO
बच्चों की देसी कार देखकर रुक गए सचिन तेंदुलकर (Pic Credit- X @sachin_rt)

Sachin Tendulkar का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह गांव के बच्चों की बनाई देसी जुगाड़ कार से प्रभावित नजर आए। सचिन ने बच्चों की क्रिएटिविटी की तारीफ करते हुए कहा कि असली टैलेंट मौका मिलने का इंतजार नहीं करता, बल्कि अपना रास्ता खुद बनाता है।

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Dipali Kumari
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Sachin Tendulkar Viral Video: भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है। इस वीडियो में सचिन गांव के कुछ बच्चों की जुगाड़ से बनाई हुई एक अनोखी ‘देसी कार’ को देखकर काफी खुश और प्रभावित नजर आ रहे हैं। बच्चों की मेहनत और उनकी सोच ने सचिन को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपनी गाड़ी रोक दी और बच्चों से बात करने पहुंच गए।

देसी जुगाड़ से बच्चों ने बनायी कार

वीडियो में कुछ गांव के बच्चे अपने हाथों से बनाई गई छोटी कार जैसी गाड़ी चलाते दिखाई दे रहे हैं। यह कोई महंगी या आधुनिक गाड़ी नहीं थी, बल्कि लकड़ी, लोहे की रॉड और पुराने पहियों की मदद से तैयार की गई एक देसी जुगाड़ थी। एक बच्चा उस गाड़ी पर बैठा था, जबकि दूसरे बच्चे उसे धक्का देकर आगे बढ़ा रहे थे। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।

अपनी गाड़ी से उतरकर बच्चों के पास पहुंचे सचिन

सचिन तेंदुलकर जब वहां से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर इस अनोखी गाड़ी पर पड़ी। बच्चों की क्रिएटिविटी देखकर वह खुद को रोक नहीं पाए और अपनी गाड़ी से उतरकर उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उनकी बनाई गाड़ी को करीब से देखा और उनकी तारीफ भी की। वीडियो में सचिन बच्चों के साथ मुस्कुराते और उनकी हौसला अफजाई करते नजर आते हैं।

सचिन ने शेयर किया वीडियो

इस खास पल का वीडियो खुद सचिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने एक भावुक संदेश भी लिखा। सचिन ने कहा कि भारत के कई छिपे हुए कोनों में ऐसा टैलेंट देखने को मिलता है, जो किसी बड़ी सुविधा या महंगे संसाधनों का इंतजार नहीं करता। उन्होंने लिखा कि असली हुनर अपना रास्ता खुद बना लेता है, बस उसे सही मौका मिलना चाहिए।

सचिन की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बच्चों की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने कहा कि यही बच्चे आगे चलकर बड़े इंजीनियर बन सकते हैं। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह देसी कार कई महंगी गाड़ियों से ज्यादा माइलेज देती होगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।