Rashtra Bharat Logo

आज रात चंद्रमा को दिया जायेगा अर्घ्य, जानिए चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

आज रात चंद्रमा को दिया जायेगा अर्घ्य, जानिए चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
आज रात चंद्रमा को दिया जायेगा अर्घ्य, जानिए चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

चैत्र पूर्णिमा का पावन दिन श्रद्धा और आस्था से जुड़ा खास अवसर है। इस दिन पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व माना जाता है। सही विधि और शुभ मुहूर्त में चंद्रमा को अर्घ्य देने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Chaitra Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक बन जाती हैं। चैत्र पूर्णिमा भी उन्हीं खास दिनों में से एक है, जब श्रद्धालु पूरे मन से पूजा-पाठ, दान और व्रत के जरिए अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। यह दिन हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होने के कारण और भी खास माना जाता है।

चैत्र पूर्णिमा की धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्रदेव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है, जिससे उसकी ऊर्जा का प्रभाव मन और शरीर पर सकारात्मक पड़ता है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में समृद्धि आती है।

तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि और शुभ मुहूर्त की बात करें तो साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा 1 और 2 अप्रैल, दोनों दिन पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल की सुबह 7:06 बजे से हो रही है और इसका समापन 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे होगा। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन शाम और रात के समय पूर्णिमा रहती है, उसी दिन व्रत और चंद्र पूजन करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसलिए 1 अप्रैल को व्रत और चंद्र पूजा की जाएगी, जबकि 2 अप्रैल को स्नान-दान और हनुमान जयंती मनाई जाएगी।

चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि

 चैत्र पूर्णिमा में शाम के समय चंद्रोदय के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य देना बेहद शुभ माना जाता है। इसके लिए एक पात्र में जल, कच्चा दूध, अक्षत, सफेद फूल और थोड़ी चीनी मिलाकर अर्घ्य तैयार किया जाता है। चंद्रमा को देखते हुए “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद हाथ जोड़कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

इन बातों का रखें खास ख्याल

इस दिन भगवान विष्णु की सत्यनारायण कथा सुनना या पढ़ना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। साथ ही सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध या वस्त्र का दान करना विशेष पुण्य देता है।

हालांकि इस दिन कुछ सावधानियां भी रखनी जरूरी हैं। तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज और मांस-मदिरा से दूर रहें। मन को शांत रखें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, क्योंकि पूर्णिमा का प्रभाव मन पर अधिक होता है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।