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15 मार्च से शुरू हो रहा खरमास, इस दौरान जरूर करें ये 5 उपाय, समस्याएं होगी दूर

15 मार्च से शुरू हो रहा खरमास, इस दौरान जरूर करें ये 5 उपाय, समस्याएं होगी दूर
15 मार्च से शुरू हो रहा खरमास, इस दौरान जरूर करें ये 5 उपाय, समस्याएं होगी दूर (Photo: AI)

Kharmas 2026: 15 मार्च 2026 से खरमास की शुरुआत हो रही है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। मान्यता है कि इस समय किए गए कुछ आसान उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर कर सुख-शांति और सकारात्मक माहौल ला सकते हैं।

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Dipali Kumari
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Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से हो रही है, जो 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं. हालांकि पूजा-पाठ, जप, दान और भगवान की आराधना के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक खरमास के दौरान किए गए कुछ छोटे-छोटे उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस समय घर में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं तो इस दौरान कुछ आसान उपाय कर सकते हैं।

तुलसी के पास जलाएं दीपक

खरमास के दौरान रोज शाम के समय तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। मान्यता है कि इससे घर में शांति बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सूर्य देव को अर्घ्य दें

हर सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल लें और उसमें थोड़ा सा गुड़ व लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दौरान “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और काम में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

पीले रंग का प्रयोग करें

खरमास में पीले रंग को बेहद शुभ माना गया है। इस दौरान पूजा में पीले फूल चढ़ाएं और संभव हो तो पीले रंग के कपड़े पहनें। साथ ही जरूरतमंद लोगों को चने की दाल या बेसन के लड्डू का दान करना भी शुभ माना जाता है।

ईशान कोण को रखें साफ

घर के उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को भगवान का स्थान माना जाता है। खरमास के दौरान इस जगह को हमेशा साफ-सुथरा रखें और यहां भारी सामान या कबाड़ न रखें। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

कपूर जलाना भी माना जाता है शुभ

सप्ताह में एक-दो बार घर में कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में दिखाना भी अच्छा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और वातावरण सकारात्मक बना रहता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान श्रद्धा और नियम के साथ किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में अच्छे बदलाव ला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां वैदिक ज्योतिष के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित हैं। हम इनके पूर्णतया सत्य या सटीक होने का दावा नहीं करते। विस्तृत और व्यक्तिगत जानकारी के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।